Cough Home Remedies: मौसम बदलते ही खांसी, गले में खराश और सीने में भारीपन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। कई बार हल्की-सी खांसी भी दिनभर परेशान करती है नींद टूटती है, साथ ही बोलने में दिक्कत देती है और गला सूखने लगता है। ऐसे में लोग तुरंत दवा की तरफ भागते हैं, लेकिन हर बार दवा लेना जरूरी नहीं होता।
भारत में खांसी के लिए दादी मां के नुस्खे सालों से इस्तेमाल किए जाते हैं। ये नुस्खे आसानी से घर में मौजूद चीजों से बन जाते हैं और सही तरीके से अपनाने पर खांसी में काफी राहत दे सकते हैं। हालांकि, अगर खांसी लंबे समय तक रहे या सांस लेने में परेशानी हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
खांसी क्यों होती है
खांसी शरीर का एक प्राकृतिक तरीका है, जिससे शरीर गले या फेफड़ों में जमा धूल, बलगम या संक्रमण को बाहर निकालने की कोशिश करता है। खांसी के कुछ आम कारण हैं: ठंडी हवा या मौसम बदलना,वायरल इंफेक्शन या धूम्रपान और प्रदूषण दादी मां के 10 असरदार नुस्खे जो खांसी में राहत दे सकते हैं
मुलेठी
मुलेठी गले को ठंडक देती है और बोलने में भी राहत देती है।
शहद और अदरक का मिश्रण
अदरक गले की सूजन कम करने में मदद करता है और शहद गले को आराम देता है।
तुलसी की चाय
तुलसी को सर्दी-खांसी में बहुत उपयोगी माना जाता है।
काली मिर्च और शहद
काली मिर्च बलगम वाली खांसी में मदद कर सकती है।
भाप लेना
नाक बंद, सीने में जकड़न और बलगम वाली खांसी में भाप बहुत काम आती है।
खांसी में क्या नहीं करना चाहिए
कुछ गलत आदतें खांसी को और बढ़ा देती हैं: बार-बार ठंडा पानी पीना ,बिना जरूरत एंटीबायोटिक लेना या धूल, धुआं और परफ्यूम में रहना।
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है
दादी मां के नुस्खे हल्की और सामान्य खांसी में मदद करते हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में डॉक्टर की सलाह जरूरी है: खांसी 7 या 10 दिन से ज्यादा रहे, तेज बुखार हो या सांस फूलने लगे।
खांसी चाहे सूखी हो या बलगम वाली, शुरुआत में कुछ घरेलू उपाय अपनाकर राहत पाई जा सकती है। शहद-अदरक, हल्दी दूध, गरारे, तुलसी की चाय और भाप जैसे दादी मां के नुस्खे आज भी असरदार माने जाते हैं। बस ध्यान रखें कि अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो खुद इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित होता है।

