Heater Causing Dry Lungs Disease: देश के कई हिस्सों में पड़ रही कड़ाके की ठंड ने लोगों को हीटर का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया है। सुबह-शाम ही नहीं, अब कई घरों में रातभर हीटर जलाकर सोने का चलन भी बढ़ गया है। लेकिन राहत देने वाली यही गर्माहट अब सेहत के लिए खतरे की घंटी बनती जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक हाल के दिनों में अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिन्हें सांस लेने में तकलीफ, गले में सूखापन और लगातार सूखी खांसी की शिकायत हो रही है।
क्या है ‘ड्राई लंग्स डिजीज’?
विशेषज्ञ इस समस्या को ‘ड्राई लंग्स डिजीज’ कह रहे हैं। दरअसल, हीटर से निकलने वाली गर्म और शुष्क हवा फेफड़ों और श्वसन तंत्र की प्राकृतिक नमी को कम कर देती है। इससे सांस की नलियां सूखने लगती हैं, जिससे खांसी, जलन और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे तो सांस लेने में गंभीर परेशानी भी हो सकती है।
हीटर क्यों बन रहा है खतरनाक?
हीटर की लगातार गर्म हवा फेफड़ों की सुरक्षा परत को कमजोर कर देती है। नमी की कमी से एलर्जी और बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। बंद कमरे में हीटर चलाने से ऑक्सीजन का स्तर भी धीरे-धीरे कम हो सकता है और कार्बन डाइऑक्साइड जमा होने लगती है, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है।
किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत?
दिल्ली के मूलचंद अस्पताल में पल्मोनोलॉजी विभाग के डॉक्टरों के अनुसार, अस्थमा, सीओपीडी, ब्रोंकाइटिस और अन्य सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को हीटर का इस्तेमाल बेहद सावधानी से करना चाहिए। ऐसे मरीजों में हीटर का ज्यादा उपयोग उनकी समस्या को और गंभीर कर सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि प्रदूषण पहले से ही फेफड़ों पर असर डाल रहा है, ऊपर से हीटर का अधिक इस्तेमाल स्थिति को और बिगाड़ सकता है।
रातभर हीटर चलाना क्यों गलत?
विशेषज्ञों का साफ कहना है कि हीटर का उपयोग पूरी तरह नुकसानदायक नहीं है, लेकिन इसे रातभर चलाना खतरनाक हो सकता है। खासतौर पर बंद कमरे में लंबे समय तक हीटर चलाने से फेफड़ों की नमी तेजी से कम होती है, जिससे ‘ड्राई लंग्स’ की समस्या पैदा होती है।
ड्राई लंग्स डिजीज के प्रमुख लक्षण
लगातार सूखी खांसी
सांस फूलना
गले में जलन या खराश
लेटते ही खांसी का बढ़ जाना
हीटर इस्तेमाल करते समय अपनाएं ये सावधानियां
हीटर को बहुत तेज तापमान पर न चलाएं
कमरे में थोड़ी वेंटिलेशन जरूर रखें
हीटर को शरीर से कम से कम 2 फीट दूर रखें
सोते समय हीटर चलाने से बचें
सांस की बीमारी है तो डॉक्टर की सलाह से ही हीटर का उपयोग करें
सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें
सर्दियों में हीटर ठंड से राहत जरूर देता है, लेकिन लापरवाही से किया गया इसका इस्तेमाल आपकी सांसों पर भारी पड़ सकता है। थोड़ी सावधानी अपनाकर हीटर का सीमित और सुरक्षित उपयोग ही सेहत के लिए बेहतर है।

