होम = Cover Story Featured = 4 साल बाद यूपी को मिला स्थायी DGP, राजीव कृष्ण पर योगी सरकार ने जताया बड़ा भरोसा

4 साल बाद यूपी को मिला स्थायी DGP, राजीव कृष्ण पर योगी सरकार ने जताया बड़ा भरोसा

by | May 31, 2026 | Cover Story Featured

उत्तर प्रदेश में करीब चार साल बाद पुलिस विभाग को स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) मिल गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने वरिष्ठ IPS अधिकारी Rajeev Krishna को उत्तर प्रदेश का स्थायी DGP नियुक्त कर दिया है। इस फैसले के साथ ही राज्य में लंबे समय से चल रही कार्यवाहक DGP व्यवस्था का अंत हो गया है। यह नियुक्ति प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि देश के सबसे बड़े राज्य में पिछले कई वर्षों से पूर्णकालिक DGP की नियुक्ति नहीं हुई थी। राजीव कृष्ण की नियुक्ति को योगी सरकार की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन को और अधिक मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। उनके पास लंबे प्रशासनिक अनुभव के साथ पुलिसिंग और सुरक्षा प्रबंधन का व्यापक अनुभव भी है।

चार साल बाद क्यों हुई स्थायी DGP की नियुक्ति

उत्तर प्रदेश में मई 2022 के बाद से स्थायी DGP का पद खाली चल रहा था। तत्कालीन DGP मुकुल गोयल के हटने के बाद राज्य में लगातार कार्यवाहक या अतिरिक्त प्रभार वाले पुलिस प्रमुखों के जरिए काम चलाया जा रहा था। इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारियों ने DGP की जिम्मेदारी संभाली, लेकिन किसी को स्थायी नियुक्ति नहीं मिली। इस बीच सुप्रीम कोर्ट भी राज्यों में नियमित DGP नियुक्त करने को लेकर कई बार निर्देश दे चुका था। अदालत ने कहा था कि राज्यों को तय प्रक्रिया के तहत UPSC पैनल से चयन कर पूर्णकालिक DGP नियुक्त करना चाहिए। इसी प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने भी स्थायी नियुक्ति की दिशा में कदम बढ़ाए।

कौन हैं राजीव कृष्ण

राजीव कृष्ण 1991 बैच के वरिष्ठ IPS अधिकारी हैं। पुलिस सेवा में उनका लंबा अनुभव रहा है और उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्हें एक अनुशासित, प्रशासनिक रूप से सक्षम और तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने वाले अधिकारी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, विजिलेंस और कई महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदार पदों पर काम किया है। पिछले वर्षों में पुलिस भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी तरीके से आयोजित कराने और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने में भी उनकी भूमिका चर्चा में रही है।

UPSC प्रक्रिया के बाद मिली मंजूरी

स्थायी DGP नियुक्ति के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने UPSC को वरिष्ठ IPS अधिकारियों की सूची भेजी थी। इसके बाद UPSC ने सेवा रिकॉर्ड, अनुभव, वरिष्ठता और अन्य मानकों के आधार पर अधिकारियों का मूल्यांकन किया। काफी समय से इस प्रक्रिया पर काम चल रहा था और कई दौर की चर्चा तथा औपचारिकताओं के बाद राजीव कृष्ण के नाम पर अंतिम मुहर लगी। यह नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कुछ महीने पहले UPSC ने तकनीकी कारणों से राज्य सरकार के प्रस्ताव पर आपत्ति भी जताई थी, जिसके बाद प्रक्रिया को दोबारा आगे बढ़ाया गया।

योगी सरकार के लिए क्यों अहम है यह फैसला

उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और यहां कानून-व्यवस्था हमेशा राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का बड़ा विषय रहती है। ऐसे में स्थायी DGP की नियुक्ति सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल थी। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी पुलिस प्रमुख होने से नीतियों में निरंतरता बनी रहती है, बड़े फैसलों को लागू करने में आसानी होती है और पुलिस विभाग में नेतृत्व को लेकर स्पष्टता आती है। योगी सरकार लगातार अपराध नियंत्रण, माफिया विरोधी कार्रवाई, साइबर अपराध रोकने और तकनीक आधारित पुलिसिंग पर जोर देती रही है। ऐसे में राजीव कृष्ण की नियुक्ति को उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पुलिस महकमे में नई ऊर्जा की उम्मीद

स्थायी DGP की नियुक्ति के बाद पुलिस विभाग के भीतर भी नई ऊर्जा और स्थिरता की उम्मीद जताई जा रही है। लंबे समय तक कार्यवाहक व्यवस्था रहने के कारण कई प्रशासनिक निर्णयों और दीर्घकालिक योजनाओं पर असर पड़ता है। अब पूर्णकालिक नेतृत्व मिलने से पुलिस बल में समन्वय, जवाबदेही और रणनीतिक योजना को मजबूती मिलने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश में चार साल बाद स्थायी DGP की नियुक्ति एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है। राजीव कृष्ण के रूप में राज्य को ऐसा पुलिस प्रमुख मिला है, जिनके पास लंबा अनुभव और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का रिकॉर्ड है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस कानून-व्यवस्था, तकनीकी सुधार और आधुनिक पुलिसिंग के क्षेत्र में किस तरह आगे बढ़ती है। योगी सरकार का यह फैसला आने वाले समय में राज्य की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है।

ये भी पढ़े: https://newsindia24x7.com/trending/rahul-gandhi-meets-cbse-students-osm-row-government-target-43877/