Mohan Bhagwat News: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को अयोध्या में बने राम मंदिर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण सत्ता में बैठे लोगों की प्रतिबद्धता और देश के हर व्यक्ति के सहयोग से संभव हो सका। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अलग से हिंदू राष्ट्र घोषित करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह पहले से ही एक हिंदू राष्ट्र है।
भागवत ने अपने बयान में 2014 के चुनाव का किया जिक्र
भागवत ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण भगवान राम की इच्छा से संभव हुआ। उन्होंने इसकी तुलना भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा से करते हुए कहा कि ऐसे कार्य तभी पूरे होते हैं, जब समाज के हर वर्ग का सहयोग मिलता है। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई सरकार के शपथ लेने के दिन मीडिया रिपोर्ट में लिखा था कि यही वह दिन था जब भारत ने वास्तव में ब्रिटिश शासन को अलविदा कहा।
‘हिंदुस्तान एक हिंदू राष्ट्र है’
उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रतिबद्ध नेतृत्व के बिना राम मंदिर का निर्माण संभव था। भागवत ने यह भी कहा कि एक समय हिंदुस्तान को हिंदू राष्ट्र कहना उपहास का विषय हुआ करता था। उन्होंने कहा, हिंदुस्तान एक हिंदू राष्ट्र है। राम मंदिर बनने तक लोग इस दावे पर हंसते थे। आज वही लोग कहते हैं कि हिंदुस्तान हिंदुओं की भूमि है। उन्होंने कहा कि कई लोग आरएसएस से भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने को कहते हैं, लेकिन हम कहते हैं कि जो बात पहले से ही सच है उसे घोषित करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

