Iran-US Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है. पाकिस्तानी मध्यस्थता से बनी अस्थायी युद्धविराम की स्थिति अब टूटने के करीब पहुंच गई है, क्योंकि अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर नया हवाई हमला किया है. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी सैन्य और व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई.
ईरान के सैन्य ठिकाने पर अमेरिकी हमला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार देर रात अमेरिकी सेना ने ईरान के अंदर एक अहम सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया. अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि यह ठिकाना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी सेना और व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा बन रहा था. इसलिए आत्मरक्षा के तहत यह सैन्य कार्रवाई की गई.अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि ऑपरेशन के दौरान ईरान की ओर से छोड़े गए कई खतरनाक ड्रोन को भी हवा में ही नष्ट कर दिया गया.
बंदर अब्बास में सुने गए तेज धमाके
ईरानी मीडिया ने भी इस हमले की पुष्टि की है. अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, दक्षिणी ईरान के रणनीतिक शहर बंदर अब्बास के पूर्वी इलाके में देर रात लगातार तीन जोरदार धमाके सुनाई दिए.धमाकों के तुरंत बाद ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गया और कई मिनटों तक आसमान में फायरिंग होती रही. हालांकि, ईरानी प्रशासन ने अब तक किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
48 घंटे में दूसरा बड़ा हमला
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब दो दिन पहले ही अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट्स और नौसेना की उन नावों पर कार्रवाई की थी, जिन पर समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने का आरोप था. CENTCOM के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने उस कार्रवाई को अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया था. वहीं ईरान ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी थी.
ईरान की चेतावनी- हर कार्रवाई का मिलेगा जवाब
ईरानी सरकार ने साफ कहा है कि किसी भी तरह की सैन्य आक्रामकता का जवाब दिया जाएगा. तेहरान का कहना है कि वह अपने खिलाफ होने वाली किसी भी कार्रवाई को नजरअंदाज नहीं करेगा और हर हमले का जवाब देने के लिए तैयार है.
ट्रंप के सख्त तेवर, समझौते पर जताई नाराजगी
इस बीच ओमान और कतर की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच बैक-चैनल बातचीत जारी है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख अब भी बेहद सख्त बना हुआ है. कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि वह मौजूदा प्रस्तावित समझौते से संतुष्ट नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अगर समझौता होगा तो अमेरिकी शर्तों पर होगा, अन्यथा सैन्य विकल्प अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे.
होर्मुज शिपिंग रूट पर ट्रंप का साफ संदेश
ट्रंप ने ईरान के उन दावों को भी खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि भविष्य में ईरान और ओमान मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के समुद्री मार्ग को नियंत्रित करेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया कि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता दुनिया के व्यापार के लिए हर हाल में खुला रहेगा.
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