Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका को लेकर एक नया विवाद सामने आया है. ईरान की ओर से दावा किया गया कि दोनों देशों के बीच एक गुप्त समझौते की तैयारी चल रही है, जिसके तहत अमेरिकी सैन्य गतिविधियों में कमी लाई जाएगी. हालांकि, अमेरिका ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार बताते हुए सख्त प्रतिक्रिया दी है. व्हाइट हाउस ने साफ कहा कि ऐसा कोई समझौता नहीं हो रहा और ईरानी मीडिया गलत जानकारी फैला रहा है.
ईरान के दावे को अमेरिका ने किया खारिज
ईरान के सरकारी मीडिया में एक कथित ड्राफ्ट का हवाला देते हुए कहा गया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने के बदले अमेरिका अपनी नौसेना की घेराबंदी कम करेगा और क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति घटाएगा. रिपोर्ट में इसे ईरान की बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया गया.
लेकिन अमेरिकी प्रशासन ने कुछ ही समय बाद इस दावे को सिरे से नकार दिया. व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि ईरानी मीडिया द्वारा दिखाई जा रही रिपोर्ट पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत है. अमेरिका ने लोगों से ऐसी खबरों पर भरोसा न करने की अपील भी की.
रूस और चीन को भी अमेरिका का सख्त संदेश
इस पूरे विवाद के बीच अमेरिका ने रूस और चीन को भी स्पष्ट चेतावनी दी है. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ईरान से यूरेनियम ले जाने या उससे जुड़ी किसी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. माना जा रहा है कि अमेरिका का यह बयान वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव की ओर इशारा कर रहा है.
हालिया सैन्य कार्रवाई से बढ़ा तनाव
गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल ठिकानों और बारूदी सुरंग बिछाने वाली नौकाओं पर कार्रवाई की थी. इसके बाद से दोनों देशों के बीच माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है. अब ईरान की ओर से सामने आए कथित समझौते के दावे ने इस विवाद को नया मोड़ दे दिया है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना टकराव का केंद्र
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इस पूरे मामले का सबसे अहम हिस्सा बना हुआ है, क्योंकि दुनिया का करीब 20 फीसदी कच्चा तेल इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) इस इलाके में लगातार अपनी मौजूदगी मजबूत दिखाने की कोशिश कर रही है.
ईरानी मीडिया के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 23 जहाज उनकी निगरानी में इस रास्ते से गुजरे. साथ ही ईरान ने संकेत दिए हैं कि विरोधी देशों के जहाजों को यहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
ट्रंप जल्द बुला सकते हैं अहम बैठक
वहीं, वाशिंगटन में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर हलचल तेज हो गई है. खबर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही कैबिनेट बैठक बुला सकते हैं, जिसमें ईरान के अलावा रूस और चीन की गतिविधियों पर भी चर्चा होगी. साथ ही युद्ध जैसे हालात को टालने के लिए पर्दे के पीछे कूटनीतिक बातचीत जारी है.
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