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अमेरिकी सांसदों की ट्रंप से खास अपील, भारत से ट्रेड डील में दालें बन सकती हैं गेमचेंजर?

by | Jan 17, 2026 | दुनिया

India-US Trade Talks: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत तेज़ होती जा रही है। इसी बीच अमेरिका की राजनीति से एक अहम संकेत सामने आया है। अमेरिकी सीनेट के दो प्रभावशाली सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखकर भारत में अमेरिकी दालों पर लगाए गए ऊंचे टैरिफ को घटाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर यह कदम उठाया गया, तो इससे अमेरिकी किसानों को बड़ा फायदा मिलेगा और भारत को भी सस्ती दालों की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

टैरिफ बना किसानों की परेशानी

अमेरिकी सांसदों का कहना है कि भारत, जो दुनिया में दालों का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, अमेरिकी दालों पर करीब 30 फीसदी आयात शुल्क लगाता है। इससे अमेरिकी उत्पादकों को भारत जैसे विशाल बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में कठिनाई हो रही है। सांसदों के मुताबिक, इस टैरिफ का सीधा असर अमेरिका के नॉर्थ डकोटा और मोंटाना जैसे दलहन उत्पादक राज्यों के किसानों पर पड़ रहा है।

किन सांसदों ने लिखी चिट्ठी?

नॉर्थ डकोटा के सीनेटर केविन क्रेमर और मोंटाना के सीनेटर स्टीव डाइन्स ने 16 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप को पत्र भेजा। इसमें उन्होंने भारत के साथ होने वाले किसी भी व्यापार समझौते में दलहन फसलों को प्राथमिकता देने की मांग की है। सांसदों ने साफ कहा कि अगर भारत में अमेरिकी दालों को बेहतर बाजार पहुंच मिली, तो इससे अमेरिका के कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

भारत की बड़ी भूमिका का हवाला

पत्र में यह भी बताया गया कि भारत दुनिया में दालों की कुल खपत का करीब 27 प्रतिशत हिस्सा अकेले करता है, जबकि नॉर्थ डकोटा और मोंटाना अमेरिका में मटर और अन्य दलहनों के प्रमुख उत्पादक राज्य हैं। इसके बावजूद भारी टैरिफ के चलते अमेरिकी किसान भारतीय बाजार में अपनी पकड़ नहीं बना पा रहे हैं।

पीली मटर पर 30% शुल्क पर आपत्ति

अमेरिकी सांसदों ने भारत द्वारा पीली मटर (Yellow Peas) पर लगाए गए 30% टैरिफ को अनुचित बताया। यह टैरिफ 1 नवंबर 2025 से लागू हुआ था। सांसदों का कहना है कि ऐसे ऊंचे शुल्क अमेरिकी किसानों के लिए भारत में निर्यात के रास्ते लगभग बंद कर देते हैं।

मोदी–ट्रंप वार्ता का भी जिक्र

चिट्ठी में यह भी याद दिलाया गया कि ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत हुई थी, जिससे अमेरिकी किसानों को अपनी बात रखने का मौका मिला था। सांसदों ने उम्मीद जताई है कि इस बार भी भारत के साथ होने वाली ट्रेड डील में दलहनों को अहम जगह मिलेगी।

दोनों देशों को फायदा!

सांसदों का मानना है कि अगर टैरिफ कम किए जाते हैं, तो इससे अमेरिकी किसानों की आय बढ़ेगी और भारतीय उपभोक्ताओं को भी दालें सस्ते दामों पर मिल सकेंगी। ऐसे में यह कदम भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को नई मजबूती देने वाला साबित हो सकता है। अब देखना होगा कि ट्रंप प्रशासन इस अपील को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील में दालें अहम मुद्दा बन पाती हैं या नहीं।

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