Death toll In US-Israel-Iran War: मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच छिड़ा युद्ध अब 11वें दिन में पहुंच चुका है और हालात लगातार भयावह होते जा रहे हैं। 28 फरवरी को शुरू हुए हमलों के बाद यह संघर्ष धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र में फैल गया। हर गुजरते दिन के साथ मौत और तबाही के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं।
डराने वाले ईरान के आंकड़े
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक इस युद्ध में 1,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में करीब 200 महिलाएं और 12 साल से कम उम्र के लगभग 200 बच्चे शामिल हैं। वहीं 10,000 से ज्यादा नागरिक घायल बताए जा रहे हैं। ईरान की शहीद और वेटरन्स मामलों की फाउंडेशन ने मृतकों की संख्या 1,230 तक पहुंचने की पुष्टि की है।
दूसरी ओर, अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन HRANA का दावा है कि ईरान में मरने वालों की संख्या 1,700 से ज्यादा हो सकती है। संगठन के मुताबिक इनमें 1,205 आम नागरिक, 187 सैन्य कर्मी और 316 ऐसे लोग शामिल हैं जिनकी पहचान अभी नहीं हो सकी है।
मौत का असर इज़राइल पर भी
इज़राइल में भी इस संघर्ष का असर दिखाई दे रहा है। वहां के बचावकर्मियों और सेना के अनुसार अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 9 लोग बेइत शेमेश शहर पर हुए मिसाइल हमले में मारे गए, जिनमें चार नाबालिग भी शामिल थे। इसके अलावा दक्षिणी लेबनान में लड़ाई के दौरान इज़राइल के दो सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार
वहीं लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में हुए हमलों में 486 लोगों की मौत और 1,300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। पहले जारी आंकड़ों के अनुसार मृतकों में 83 बच्चे और 42 महिलाएं भी शामिल थीं। लगातार बढ़ती मौतों और घायलों की संख्या ने पूरे मिडिल ईस्ट को गंभीर मानवीय संकट के मुहाने पर ला खड़ा किया है।
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