US-Venezuela Tensions: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि U.S. ने वेनेज़ुएला के तट के पास से एक प्रतिबंधित तेल टैंकर ज़ब्त कर लिया, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल कीमतों में उछाल और दोनों देशों के बीच तनाव और तेज हो गया। ट्रंप ने इसे “अब तक की सबसे बड़ी ज़ब्ती” बताते हुए कहा कि जब पूछा गया तेल का क्या होगा, तो “हम इसे अपने पास रखेंगे।”
अमेरिका पर खुली चोरी का आरोप
वेनेज़ुएला सरकार ने इसे “अंतरराष्ट्रीय पाइरेसी” बताते हुए अमेरिका पर खुली चोरी का आरोप लगाया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विरोध दर्ज कराने की घोषणा की। इस बीच ईरान के दूतावास ने भी इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन बताया। U.S. एजेंसियों FBI, होमलैंड सिक्योरिटी और कोस्ट गार्ड ने अमेरिकी सेना के सहयोग से इस टैंकर पर ज़ब्ती वारंट लागू किया। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में दो हेलीकॉप्टरों से हथियारबंद जवानों को जहाज पर उतरते देखा गया। माना जा रहा है कि यह वेरी लार्ज क्रूड कैरियर “स्किपर” है, जिस पर पहले “अदीसा” नाम से ईरानी तेल व्यापार में शामिल होने का आरोप था।
गलत तरीके से देश का झंडा फहरा
रिपोर्टों में कहा गया कि यह टैंकर वेनेज़ुएला के प्रमुख पोर्ट जोस से करीब 1.8 मिलियन बैरल हेवी क्रूड लेकर निकला था और ज़ब्ती से ठीक पहले कुराकाओ के पास एक अन्य जहाज में लगभग 200,000 बैरल तेल ट्रांसफर कर चुका था। गुयाना की मैरीटाइम अथॉरिटी ने भी पुष्टि की कि जहाज गलत तरीके से देश का झंडा फहरा रहा था। ज़ब्ती की खबर से तेल बाजार में तुरंत असर पड़ा, ब्रेंट और WTI दोनों में बढ़त दर्ज की गई। उधर, वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने इस पर सीधा बयान नहीं दिया, लेकिन अमेरिकी सेना की गतिविधियों को देश के तेल संसाधनों पर कब्ज़े की साजिश बताया है।
वैश्विक सप्लाई चिंताओं को बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना वैश्विक सप्लाई चिंताओं को बढ़ा सकती है, हालांकि यह तत्काल बड़े बदलाव का कारण नहीं बनेगी। इस बीच, PDVSA के साथ अमेरिका की तेल कंपनी शेवरॉन ने अपने संचालन के सामान्य रहने की पुष्टि की। बढ़ते तनाव, हालिया सैन्य कार्रवाइयों और कानूनी सवालों ने क्षेत्र में अस्थिरता को और गहरा कर दिया है।
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