Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को रोकने में उनकी अहम भूमिका रही। बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में बोलते हुए उन्होंने दावा किया कि उनकी कड़ी व्यापारिक चेतावनी ने दोनों देशों को पीछे हटने पर मजबूर किया।
200 प्रतिशत टैरिफ की दी थी चेतावनी
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों को साफ शब्दों में कहा था कि यदि वे संघर्ष नहीं रोकते तो अमेरिका उनके साथ व्यापार समझौते नहीं करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि जरूरत पड़ने पर वह भारत और पाकिस्तान पर 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने के लिए तैयार थे।
ट्रंप ने कहा कि जब आर्थिक नुकसान की आशंका सामने आई तो दोनों पक्षों ने तनाव कम करने का रास्ता चुना। ट्रंप ने यह भी कहा कि संघर्ष के दौरान कई लड़ाकू विमान गिराए गए थे और हालात बेहद गंभीर थे।
पहलगाम हमले के बाद बढ़ा था तनाव
यह पूरा घटनाक्रम अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ। हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत संयुक्त सैन्य कार्रवाई की। इस कदम के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध और तनावपूर्ण हो गए थे।
10 मई को हुआ युद्धविराम
करीब दो हफ्ते चले तनाव के बाद 10 मई 2025 को दोनों देशों के बीच युद्धविराम की घोषणा की गई। हालांकि, आधिकारिक ऐलान से पहले ही ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा कर दिया था कि उन्होंने युद्ध रुकवा दिया है।
शहबाज शरीफ ने की ट्रंप की सराहना
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज ने सार्वजनिक मंचों पर ट्रंप के प्रयासों की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के हस्तक्षेप से बड़े पैमाने पर जनहानि टली और दक्षिण एशिया में शांति बनाए रखने में मदद मिली।
बता दें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि भारत-पाकिस्तान के संघर्ष को रोकने में उनकी बड़ी भूमिका है। हालांकि, भारत इस बात से इनकार करता रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के सीजफायर में तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं है। अब बार-बार ट्रंप के दावे से उनकी विश्वसनीयता से भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

