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दुश्मन की धरती पर सीक्रेट मिशन! ईरान से जिंदा मिला अमेरिकी पायलट, ऑपरेशन की चौंकाने वाली कहानी

US Pilot Rescue: दुश्मन के इलाके में लापता हुए अमेरिकी पायलट को सुरक्षित वापस लाने का मिशन आखिरकार सफल हो गया। संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान में अपने पायलट को ढूंढ निकाला है, जिसे दो दिन तक बेहद गोपनीय और खतरनाक ऑपरेशन के तहत तलाशा गया। यह पूरा घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब ईरान ने एक अमेरिकी F-15E Strike Eagle लड़ाकू विमान को मार गिराया था।

हमले के तुरंत बाद एक पायलट को बचा लिया गया, लेकिन दूसरा पायलट दुश्मन के इलाके में लापता हो गया था। इस घटना ने अमेरिकी प्रशासन के लिए चिंता बढ़ा दी थी और कई तरह के सवाल खड़े कर दिए थे।

दुर्गम पहाड़ों में छिपा था पायलट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, लापता पायलट ईरान के कठिन पहाड़ी इलाकों में छिपा हुआ था। दुश्मन के सुरक्षाबल लगातार उसकी तलाश में जुटे थे। हालात इतने गंभीर थे कि ईरान ने पायलट की जानकारी देने वाले को 60,000 डॉलर का इनाम तक घोषित कर दिया था।

पूरी तरह गुप्त रखा गया ऑपरेशन

पायलट की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रेस्क्यू मिशन को बेहद गोपनीय रखा गया। ट्रंप ने बताया कि अगर इस ऑपरेशन की जानकारी सार्वजनिक हो जाती, तो बचाव अभियान खतरे में पड़ सकता था। कमांडर-इन-चीफ से लेकर ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ तक, सेना के शीर्ष अधिकारी लगातार पायलट की लोकेशन और स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। हर कदम बेहद सटीक योजना के तहत उठाया गया।

घातक ताकत के साथ पहुंची अमेरिकी सेना

पायलट को सुरक्षित निकालने के लिए अमेरिकी सेना ने दर्जनों अत्याधुनिक और घातक हथियारों से लैस विमानों को मिशन में लगाया। यह ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था, क्योंकि दुश्मन के इलाके में किसी भी समय मुठभेड़ हो सकती थी। आखिरकार, सेना ने पायलट को खोज निकाला और सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ट्रंप के अनुसार, पायलट को हल्की चोटें आई हैं, लेकिन उसकी हालत स्थिर है और वह जल्द पूरी तरह ठीक हो जाएगा।

‘किसी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ेंगे’

ट्रंप ने इस मिशन को अमेरिकी सैन्य इतिहास का एक अहम अध्याय बताते हुए कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है जब दुश्मन के इलाके में फंसे दो पायलटों को अलग-अलग ऑपरेशन में सफलतापूर्वक बचाया गया है। उन्होंने कहा, “हम कभी भी अपने किसी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ते।”

ट्रंप ने जताया गर्व

इस सफल ऑपरेशन के बाद ट्रंप ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बिना किसी अमेरिकी सैनिक के घायल हुए या मारे गए इस मिशन को पूरा करना, अमेरिका की सैन्य ताकत और रणनीति का बड़ा प्रमाण है। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अमेरिका ने ईरानी हवाई क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ और श्रेष्ठता कायम की है। ट्रंप ने देशवासियों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि यह हर अमेरिकी के लिए गर्व का क्षण है चाहे वह किसी भी राजनीतिक विचारधारा से जुड़ा हो।

मिशन से उठे बड़े सवाल

हालांकि पायलट की सुरक्षित वापसी राहत भरी खबर है, लेकिन इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं की क्या यह टकराव आगे और बढ़ेगा? और क्या आने वाले समय में क्षेत्रीय तनाव और गहरा सकता है? फिलहाल, दुनिया की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई है।

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