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तुर्की संसद में हाथापाई, बजट वोटिंग के दौरान जमकर चले लात-घूसे, सांसद की भयंकर भिड़ंत!

by | Dec 22, 2025 | दुनिया

Turkish Parliament Fight: तुर्की की ग्रैंड नेशनल असेंबली (TBMM) में सोमवार को 2026 के केंद्रीय बजट पर मतदान से ठीक पहले माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। आम सभा में सत्तारूढ़ एके पार्टी और विपक्षी सीएचपी के सांसदों के बीच बहस हाथापाई में बदल गई, जिससे सदन में अफरा-तफरी मच गई और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे।

सीएचपी और एकेपी के बीच हाथापाई

संसद में बजट पर चर्चा के दौरान सीएचपी (CHP) के ग्रुप डिप्टी चेयरमैन मुरात अमीर ने एर्दोआन की पार्टी, AKP के बुर्सा से सांसद मुस्तफा वरंक के पास जाकर बहस शुरू की। शुरुआत में केवल तीखी बहस ही हुई, लेकिन कुछ ही पलों में यह हाथापाई में बदल गई। विपक्षी इल्हामी अयगुन और मुरात अमीर ने वरंक पर हमला कर दिया, जिसके बाद दोनों गुटों के सांसदों के बीच धक्का-मुक्की और मुक्केबाज़ी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

10 मिनट तक चला हंगामा

संसद में यह झड़प लगभग 10 मिनट तक चली। संसद के अध्यक्ष नुमान कुर्तुलमुश को स्थिति को संभालने के लिए कार्यवाही रोकनी पड़ी। दोनों पक्षों के कई सांसद एक-दूसरे के करीब आते और हाथापाई करते दिखाई दिए। एमएचपी (MHP) के सांसदों ने अपने महासचिव देवलेट बाहचेली की सुरक्षा के लिए उनके चारों ओर घेरा बना लिया।

बिल पास, लेकिन माहौल तनावपूर्ण

हालात को संभालने के बाद सांसदों ने पुनः आम सभा कक्ष में लौटकर मतदान किया। इसके बावजूद सरकार ने अपने प्रस्तावित 2026 केंद्रीय बजट और 2024 के केंद्रीय सरकार अंतिम लेखा कानून को मंजूरी दिला ली। मतदान में 320 मत प्रस्ताव के पक्ष में और 249 मत विरोध में पड़े।

पहले भी हो चुकी है हिंसा

यह पहली बार नहीं था जब तुर्की संसद में हाथापाई हुई हो। अगस्त 2024 में भी संसद में सत्तारूढ़ AKP और विपक्षी सांसदों के बीच हाथापाई देखने को मिली थी। उस समय संसद में विपक्षी सांसदों ने जेल में बंद अपने सहयोगियों की रिहाई की मांग की थी, जिससे हंगामा शुरू हुआ था।

सांसदों की जंग और अफरा-तफरी

हाथापाई के दौरान संसद की सफेद सीढ़ियों पर खून बिखरा दिखाई दिया। कुछ सांसदों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन अफरा-तफरी इतनी बढ़ गई कि आम सभा का माहौल पूरी तरह से तनावपूर्ण हो गया। यह घटना तुर्की की राजनीति में एक बार फिर से हिंसक झड़पों का उदाहरण बन गई है।

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