Pakistan Army: पाकिस्तान की सत्ता संरचना पर लंबे समय से उठते सवालों के बीच रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर उनके बॉस नहीं हैं। “मेरे बॉस प्रधानमंत्री हैं,” उन्होंने दो टूक कहा और यह भी जोड़ा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ हैं।
आज के हालात अलग
एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या आसिम मुनीर ही पाकिस्तान के असली शासक हैं, जिसे लेकर अटकलें चलती रहती हैं तो आसिफ ने देश के इतिहास का हवाला दिया। उन्होंने माना कि 1950 और 1960 के दशक में सेना का सीधा दखल रहा, यहां तक कि सत्ता भी अपने हाथ में ली गई। लेकिन, उनके मुताबिक आज हालात अलग हैं।
क्या है मौजूदा चुनौतियाँ
आसिफ ने कहा कि मौजूदा चुनौतियाँ आतंकवाद, अफगानिस्तान से जुड़ी सुरक्षा चिंताएँ, भारत के साथ तनाव और तीन साल पहले चरमराई अर्थव्यवस्था इन सबके बीच राष्ट्रीय संस्थानों का आपसी सहयोग जरूरी है। इसी सहयोग को उन्होंने “हाइब्रिड व्यवस्था” बताया।
पाकिस्तान में सेना का राज नहीं
रक्षा मंत्री के अनुसार, सशस्त्र बल देश की सबसे अहम संस्थाएँ हैं और वे चुनी हुई सरकार की मदद कर रही हैं, न कि उस पर शासन। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान में सेना का राज नहीं है, बल्कि सरकार और सेना मिलकर संकटों से निपट रही हैं। इस बयान को सत्ता संतुलन पर उठते सवालों के बीच एक अहम राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
ये भी पढ़ें: अमेरिका की अगुआई वाले ‘पैक्स सिलिका’ में भारत हुआ शामिल, AI स्टार्टअप को मिलेगी मजबूती

