Pakistan Flood : पाकिस्तान में जारी भारी बारिश और बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के आंकड़ों के अनुसार, जून के अंत से अब तक बाढ़ और बारिश के कारण 854 से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं,जबकि 1,130 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में बाढ़ ने विनाशकारी रूप ले लिया है, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं.
पंजाब में इतिहास की सबसे बड़ी बाढ़
पंजाब के इतिहास में यह बाढ़ सबसे भीषण मानी जा रही है. चेनाब, रावी और सतलुज नदियों का जलस्तर इतना बढ़ चुका है कि कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घेर चुका है. पंजाब सरकार की मंत्री मरियम औरंगजेब ने इसे इतिहास की सबसे बड़ी बाढ़ बताया है. 1,400 से ज्यादा गांव जलमग्न हो चुके हैं और करीब 20 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. खासतौर पर मियांवाली, सियालकोट, गुजरांवाला और लाहौर में फसलों की तबाही हुई है.
खैबर पख्तूनख्वा में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन
खैबर पख्तूनख्वा के पहाड़ी इलाकों जैसे स्वात घाटी, बुनर और शंगला में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से सैकड़ों लोगों की जान गई है. अगस्त में 400 से ज्यादा मौतें दर्ज की गईं हैं और कई गांव पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं. 1,594 लोगों को बचाया गया है.
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सिंध और बलूचिस्तान में भी बाढ़ का संकट
सिंध और बलूचिस्तान में भी बाढ़ ने तबाही मचाई है, विशेष रूप से कराची में शहरी बाढ़ से यातायात ठप हो गया है. 10 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है और दक्षिणी इलाकों में और बाढ़ का खतरा बना हुआ है.
राहत और बचाव कार्य जारी
पाकिस्तान सरकार ने आपातकालीन उपायों के तहत राहत कार्य शुरू कर दिए हैं. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से चीन से सहायता की अपील की है. सेना और NDMA की टीमों ने 25,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. साथ ही अस्पतालों में जलजनित बीमारियों के लिए तैयारियां की जा रही हैं.

