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होर्मुज पर संकट के बीच नेतन्याहू का मास्टर प्लान! तेल-गैस सप्लाई के लिए नया रास्ता बदल सकता है दुनिया का खेल

Oil Gas New Plan: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य पर मंडराते खतरे के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक ऐसा प्रस्ताव रखा है, जो तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई चेन को पूरी तरह बदल सकता है।

होर्मुज का संकट और दुनिया की चिंता

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस गुजरती है। हालिया तनाव और संघर्ष के चलते इस मार्ग पर जोखिम बढ़ गया है, जिससे कई देशों की सप्लाई प्रभावित हुई है और बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

नेतन्याहू का नया प्रस्ताव क्या है?

नेतन्याहू ने सुझाव दिया है कि तेल और गैस की सप्लाई को अब एक वैकल्पिक मार्ग से ले जाया जाए। इसके तहत:

अरब प्रायद्वीप से इज़राइल तक पाइपलाइन बिछाने की योजना
वहां से भूमध्य सागर के बंदरगाहों तक ऊर्जा पहुंचाना
पारंपरिक समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम करना

इस योजना का उद्देश्य होर्मुज जैसे संवेदनशील ‘चोक पॉइंट’ पर निर्भरता खत्म करना और एक सुरक्षित सप्लाई नेटवर्क तैयार करना है।

युद्ध के बाद लागू हो सकता है प्लान

नेतन्याहू ने संकेत दिया कि यह परियोजना मौजूदा संघर्ष समाप्त होने के बाद शुरू की जा सकती है। उनका मानना है कि इससे न केवल इज़राइल की रणनीतिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी स्थिरता मिल सकती है।

बढ़ता तनाव और राजनीतिक दबाव

यह बयान ऐसे समय आया है जब इज़राइल द्वारा ईरान के एक प्रमुख गैस क्षेत्र पर हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump पर भी ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने सहयोगी देशों से ऊर्जा मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

ईरान की परमाणु क्षमता पर मतभेद

नेतन्याहू ने दावा किया कि हालिया संघर्ष के बाद ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमताएं कमजोर हुई हैं। हालांकि, Rafael Grossi का कहना है कि ईरान की अधिकांश परमाणु क्षमता अब भी बरकरार है। इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।

तेल-गैस की कीमतों में उछाल

तनाव के चलते वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है।

ब्रेंट क्रूड की कीमत 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई
एलएनजी की कीमतें भी तेजी से बढ़ीं

यह स्थिति आम लोगों से लेकर उद्योगों तक, सभी पर असर डाल सकती है।

क्या बदल जाएगा ग्लोबल एनर्जी मैप?

अगर नेतन्याहू की यह योजना लागू होती है, तो यह वैश्विक ऊर्जा परिवहन के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है। अब नजर इस बात पर है कि क्या यह प्रस्ताव सिर्फ रणनीतिक बयान बनकर रह जाएगा या वास्तव में दुनिया के लिए नया ऊर्जा मार्ग तैयार करेगा।

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