Nepal Election Results 2026: नेपाल के आम चुनाव में शुरुआती मतगणना में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) नेपाल भर की 103 सीटों पर आगे चल रही है। आरएसपी की उम्मीदवार रंजू न्यूपाने ने काठमांडू-1 से संसदीय सीट जीत ली है। झापा-5 में मतगणना जारी रहते हुए, पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल अध्यक्ष केपी शर्मा ओली पर अपनी बढ़त और मजबूत कर ली है।
बालेन शाह की पार्टी को युवा मतदाताओं और विशेषकर जनरेशन जेड के बीच लोकप्रिय माना जाता है। उनका राजनीतिक उदय पिछले साल हुए युवा विरोध प्रदर्शनों से निकली असंतोष की लहर से जुड़ा हुआ है, जिसने नेपाल में राजनीतिक माहौल को बदल दिया।
शाह का डिजिटल प्रभाव
पूर्व रैपर और काठमांडू के पूर्व महापौर शाह ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करके युवा और शहरी मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाई। उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक ढांचे की आलोचना की और सत्ता-विरोधी संदेशों के माध्यम से अपनी लोकप्रियता बढ़ाई।
मतदान और मतगणना की प्रक्रिया
नेपाल में मतदान गुरुवार शाम को समाप्त हुआ। देश की संसद के निचले सदन में कुल 275 सीटें हैं, जिनमें से 165 सीटें प्रत्यक्ष चुनावों (एफपीटीपी) के माध्यम से भरी जाती हैं। शेष 110 सीटों का आवंटन आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के आधार पर किया जाएगा।
मतगणना के शुरुआती रुझानों के अनुसार:
- आरएसपी 77 निर्वाचन क्षेत्रों में आगे है।
- नेपाली कांग्रेस ने 1 सीट जीत ली और 8 अन्य सीटों पर बढ़त बनाए रखी।
- सीपीएन-यूएमएल 7 निर्वाचन क्षेत्रों में आगे।
- नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी 6 सीटों में बढ़त।
- राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी 1 सीट पर आगे।
- श्रम संस्कृति पार्टी 1 निर्वाचन क्षेत्र में आगे।
मतदाता भागीदारी और जनरेशन Z की भूमिका
चुनावों में लगभग 60% मतदान हुआ, जिसमें जनरेशन जेड की मजबूत भागीदारी देखने को मिली। चुनाव आयोग ने मतदान की सफलता के लिए मतदाता शिक्षा, राजनीतिक दलों का सहयोग और सुरक्षा व्यवस्था को श्रेय दिया। नेपाल चुनाव आयोग के संयुक्त सचिव और प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टाराई ने कहा कि युवा मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी चुनाव प्रक्रिया में सकारात्मक रही।
पिछले विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि
नेपाल में 2025 में हुए युवा विरोध प्रदर्शनों का उद्देश्य भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना था। बेरोजगारी, आर्थिक संघर्ष और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध ने जनरेशन जेड में आक्रोश पैदा किया। विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए, जिनमें कम से कम 77 लोग मारे गए और हजारों घायल हुए। विरोध के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा और सुशीला कार्की अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं।
चुनाव प्रणाली और मतदान प्रक्रिया
नेपाल की प्रतिनिधि सभा के चुनाव मिश्रित प्रणाली के माध्यम से होते हैं। मतदाता दो मतपत्र डालते हैं: एक व्यक्तिगत उम्मीदवार के लिए और दूसरा राजनीतिक दल के लिए। 165 प्रत्यक्ष निर्वाचन क्षेत्र की सीटें एफपीटीपी प्रणाली से भरी जाती हैं, जबकि शेष 110 सीटें आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर आवंटित की जाती हैं।

