Bangladesh Hindu Minority Attack: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक कारोबारी खोकन चंद्र दास की हत्या ने देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गहरी चिंता पैदा कर दी है। ढाका से लगभग 150 किलोमीटर दूर अपने गांव में दवा और मोबाइल बैंकिंग का कारोबार चलाने वाले दास पर बुधवार रात अचानक हमला हुआ।
हमलावरों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला किया और जिंदा जलाने की कोशिश की। गंभीर रूप से झुलस चुके दास किसी तरह पास के तालाब में कूदकर आग बुझाने में सफल हुए, लेकिन उनका चेहरा और सिर बुरी तरह झुलस गया।
बांग्लादेश और भारत हिंदुओं पर हमला
स्थानीय लोगों ने उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर उन्हें ढाका रेफर किया गया। शुक्रवार तड़के अस्पताल में उनकी मौत हो गई। हमलावर मौके से फरार हो गए। पश्चिम बंगाल में BJP ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे धार्मिक आधार पर हो रही हिंसा बताया। पार्टी ने इसे बांग्लादेश और भारत दोनों में हिंदुओं पर बढ़ते हमलों का हिस्सा बताया और पिछले साल मुर्शिदाबाद में हुई हत्याओं का उदाहरण दिया।
धार्मिक कारणों से जानलेवा हमले
खोकन दास का नाम अब उन अल्पसंख्यकों की सूची में जुड़ गया है, जिन पर बांग्लादेश में कथित धार्मिक कारणों से जानलेवा हमले हो रहे हैं। हाल ही में 18 दिसंबर 2025 को दीपू चंद्र दास, 25 दिसंबर को अमृत मंडल, और 29 दिसंबर को बजेंद्र बिस्वास की हत्या हुई थी। इन घटनाओं ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
जमीनी हकीकत पर अलग कहानी
भारत ने कई बार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार हिंसा पर गंभीर चिंता जताई है। वहीं बांग्लादेश सरकार का दावा है कि वह अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है। यह मामला न केवल बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक हिंसा को उजागर करता है, बल्कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और न्याय की स्थिति पर भी सवाल खड़े करता है।
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