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दूध 240, ब्रेड 160… पाकिस्तान में महंगाई का नया रिकॉर्ड, जंग का असर पाकिस्तान पर भारी

Food Inflation In Pakistan: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे टकराव ने वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर पाकिस्तान में महंगाई के रूप में सामने आ रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि वहां दूध, ब्रेड और फल जैसी रोजमर्रा की चीजें भी आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही हैं।

कराची में आसमान छू रहे खाने-पीने के दाम

पाकिस्तान के बड़े शहर कराची में खाद्य वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। मौजूदा समय में वहां दूध की कीमत लगभग 240 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि ब्रेड करीब 160 रुपये में बिक रही है। इसके अलावा फलों की कीमतों में भी भारी उछाल देखने को मिल रहा है। बाजार में सेब लगभग 316 रुपये प्रति किलो और संतरा करीब 280 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। इन बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के घरेलू बजट पर गहरा असर डाला है।

महंगाई के सरकारी आंकड़े भी दे रहे संकेत

पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (PBS) के आंकड़ों के अनुसार, 11 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में महंगाई का प्रमुख सूचकांक सेंसिटिव प्राइस इंडिकेटर (SPI) करीब 6.44 प्रतिशत तक बढ़ गया है। यह सूचकांक घरेलू उपयोग की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बदलाव को दर्शाता है। रिपोर्ट के मुताबिक पेट्रोलियम उत्पादों और खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेज वृद्धि इस उछाल की प्रमुख वजह है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेज उछाल

रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ एक सप्ताह के भीतर पेट्रोल की कीमतों में 20.60 प्रतिशत और डीजल में 19.54 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं एलपीजी की कीमतों में भी 12 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हुई है। ईंधन की कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर परिवहन लागत और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी पड़ा है, जिससे महंगाई और तेज हो गई है।

खाने-पीने की चीजों में भी लगातार बढ़ोतरी

पाकिस्तान में कई जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। हालिया आंकड़ों के अनुसार प्याज करीब 9.63 प्रतिशत महंगा हुआ है, जबकि केला 1.44 प्रतिशत और गेहूं का आटा लगभग 1.28 प्रतिशत तक महंगा हुआ है। इसके अलावा चिकन, दालें, दूध और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

एक दिन के खाने पर हजार रुपये से ज्यादा खर्च

लिविंग कॉस्ट का विश्लेषण करने वाली संस्था के अनुसार पाकिस्तान में एक व्यक्ति को 2400 कैलोरी का संतुलित भोजन प्राप्त करने के लिए रोजाना कम से कम 1,073 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इस हिसाब से एक व्यक्ति के लिए एक महीने का न्यूनतम भोजन खर्च 33 हजार रुपये से अधिक बैठता है। इसमें दूध, ब्रेड, चावल, अंडे, पनीर, चिकन, बीफ, फल और सब्जियों जैसी बुनियादी चीजों की लागत शामिल है। इन आंकड़ों से साफ है कि बढ़ती महंगाई के बीच आम परिवारों के लिए संतुलित और पौष्टिक भोजन जुटाना भी मुश्किल होता जा रहा है।

अर्थव्यवस्था पर बढ़ती निर्भरता की चिंता

आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रही है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार देश की GDP का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा विदेशी रेमिटेंस पर निर्भर है, जो निर्यात आय के बराबर हो चुका है। इससे यह संकेत मिलता है कि घरेलू उत्पादन, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में कई कमजोरियां बनी हुई हैं।

IMF कर्ज और भविष्य की चिंता

पाकिस्तान 1958 से अब तक 26 बार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के कार्यक्रमों का हिस्सा बन चुका है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। इन कार्यक्रमों के तहत उसे अब तक 34 अरब डॉलर से अधिक की वित्तीय सहायता मिल चुकी है। 2024 में शुरू हुआ 7 अरब डॉलर का एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी कार्यक्रम भी 2025-26 तक जारी रहने वाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आर्थिक सुधार नहीं हुए, तो आने वाले वर्षों में कर्ज, महंगाई और बेरोजगारी का दबाव और बढ़ सकता है।

आम लोगों पर बढ़ता बोझ

बढ़ती कीमतों और आर्थिक दबाव के कारण पाकिस्तान में आम लोगों के लिए जीवन यापन लगातार मुश्किल होता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक तेल बाजार में तनाव जारी रहा, तो महंगाई का यह दबाव आने वाले समय में और भी गंभीर हो सकता है।

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