Tokyo Rejects China Radar Lock: ताइवान को लेकर बढ़ते तनाव के बीच ओकिनावा के पास हुई खतरनाक सैन्य मुठभेड़ पर जापान और चीन आमने–सामने आ गए हैं। जापान ने चीन के उस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें दावा किया गया था कि उसके एसडीएफ (Self-Defence Forces) की दखलअंदाजी के चलते चीनी लड़ाकू विमानों को जापानी जेट पर फायर-कंट्रोल रडार लॉक करना पड़ा।
क्या है पूरा मामला
जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने सोमवार को कहा कि SDF जेट विमानों ने पूरे ऑपरेशन के दौरान चीनी विमानों से “पूरी सुरक्षा दूरी” बनाए रखी थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के रक्षा अधिकारियों के बीच स्पष्ट और पारदर्शी संवाद बेहद जरूरी है, खासकर तब जब चीन ताइवान को लेकर जापान की संभावित प्रतिक्रिया पर असंतोष जताता रहता है।
क्यों हुआ विमान पर रडार लॉक
जापान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि चीनी विमानवाहक पोत लिओनिंग से उड़ान भरने वाले जे-15 लड़ाकू जेट ने शनिवार को सुबह 4:32 बजे एक SDF एफ-15 पर और शाम 6:37 बजे एक अन्य जापानी विमान पर रडार लॉक किया। क्योदो न्यूज के अनुसार, चीनी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ने सप्ताहांत में करीब 100 उड़ान संचालन किए, जिससे आकस्मिक टकराव का जोखिम काफी बढ़ गया।
चीनी नौसेना का आरोप
इसके विपरीत, चीनी नौसेना ने आरोप लगाया कि जापानी जेट बार-बार उनके प्रशिक्षण क्षेत्र के बहुत करीब आकर अभ्यास में बाधा डाल रहे थे, जिससे उड़ान सुरक्षा खतरे में पड़ी। किहारा ने रडार लॉक को “बेहद खतरनाक और अस्वीकार्य” बताते हुए कहा कि जापान चीन की गतिविधियों पर करीबी नजर रखेगा और अपनी हवाई–समुद्री निगरानी और मजबूत करेगा।
अमेरिका से जापान की उम्मीद
जापान की आदेश LDP ने भी चीन की हरकत को गंभीर खतरा बताया। पार्टी नेता ताकायुकी कोबायाशी ने इसे “पूरी तरह अस्वीकार्य” कहा, जबकि पूर्व रक्षा मंत्री इत्सुनोरी ओनोडेरा ने चेतावनी दी कि यह घटना क्षेत्र को “अत्यधिक जोखिम भरे स्तर” तक ले जा सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका जापान की चिंताओं का समर्थन करेगा और चीन को सख्त संदेश भेजेगा।
ये भी पढ़े: क्या बांग्लादेश भी पाकिस्तान की राह पर… बढ़ता विदेशी कर्ज बना गिरती अर्थव्यवस्था का बोझ!

