Israel vs Syria War: दक्षिणी सीरिया में गुरुवार देर रात हुई एक घातक कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में तनाव और भय का माहौल पैदा कर दिया। इजरायल की सेना ने अंधेरे का फायदा उठाते हुए एक गांव पर हवाई और जमीनी हमला बोला, जिसमें 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सीरिया की सरकारी एजेंसी SANA और स्थानीय प्रशासन ने इस हमले को युद्ध अपराध बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है।
क्या है पूरा मामला
गांव में रह रहे इयाद ताहिर ने बताया कि लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक गोलियों की तेज़ आवाज़ से पूरा इलाका दहल उठा। बाहर निकलकर देखा तो चारों ओर इजरायली टैंक, सैनिक और हथियारबंद दस्ते फैल चुके थे। थोड़ी देर बाद ऊपर से लड़ाकू विमानों ने बमबारी शुरू कर दी। कई ग्रामीण आत्मरक्षा के लिए हथियार लेकर घरों से बाहर निकले, लेकिन इसी दौरान कई की जान चली गई। अस्पताल में भर्ती अहमद कमाल ने बताया कि उनके भाई की गोलीबारी में मौत हो गई, जबकि वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने कहा कि गांव पर हमला इतना तेज़ और अचानक था कि किसी को बच निकलने का मौका ही नहीं मिला।
इज़रायल के खिलाफ रची साजिश
इजरायल का दावा है कि यह ऑपरेशन आतंकियों के खिलाफ था। सेना के अनुसार, गांव में मौजूद जामा इस्लामिया संगठन के कई उग्रवादी पकड़े गए, जो कथित तौर पर हमास और हूती मिलिशिया के साथ मिलकर इज़रायल के खिलाफ साजिश रच रहे थे। अभियान के दौरान IDF के 6 जवान भी घायल हुए हैं।
सीरियाई विदेश मंत्रालय ने इसे “भयानक नरसंहार” बताते हुए कहा कि मारे गए लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि इज़रायल लगातार सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है और गोलन हाइट्स से लेकर दक्षिणी गांवों तक तनाव बढ़ा रहा है।
मारे गए ज़्यादातर लोग आम नागरिक
स्थानीय अधिकारी वालिद ओकाशा ने कहा कि मारे गए ज़्यादातर लोग आम नागरिक थे जो अचानक हुए हमले में फंस गए। जबकि दोनों देशों के बीच किसी भी तरह के राजनयिक संबंध नहीं हैं, वहीं सुरक्षा तनाव कम करने के लिए बातचीत की जानकारी भी सामने आई है। इस ताज़ा हमले ने पूरे क्षेत्र में फिर से अस्थिरता बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।

