Iranian Oil Coming To India: अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। ईरान से कच्चा तेल लेकर भारत की ओर बढ़ रहा एक बड़ा टैंकर अचानक बीच समुद्र में अपना रास्ता बदलकर चीन की दिशा में मुड़ता दिखाई दिया है। इस अप्रत्याशित बदलाव ने ऊर्जा व्यापार और कूटनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
अचानक बदली दिशा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘पिंग शुन’ नाम का यह अफ्रामैक्स टैंकर ईरान के खार्ग द्वीप से करीब 6 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर भारत के गुजरात स्थित वडीनार बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था। अनुमान था कि यह जहाज लगभग एक महीने की यात्रा पूरी कर 4 अप्रैल तक भारत पहुंच जाएगा। शुरुआत में जहाज ने वडीनार को अपना गंतव्य भी दिखाया था, लेकिन अचानक इसने दिशा बदलते हुए दक्षिण की ओर यू-टर्न ले लिया और अब चीन के डोंगयिंग पोर्ट की ओर बढ़ने के संकेत दे रहा है।
हालांकि, जहाज की अंतिम मंजिल अभी तय नहीं मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्र में इस तरह के रूट बदलाव अस्थायी भी हो सकते हैं और जहाज कभी भी अपनी दिशा फिर बदल सकता है।
ईरान से तेल खरीदने की संभावनाएं
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की वजह फिलहाल साफ नहीं है, लेकिन यह ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने ईरानी तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी राहत दी है। इसके चलते भारत समेत कई देश फिर से ईरान से तेल खरीदने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। गौरतलब है कि भारत ने मई 2019 में अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते ईरान से तेल आयात बंद कर दिया था। हालांकि हालिया राहत के बावजूद भुगतान, बीमा और शिपिंग से जुड़ी जटिलताएं अब भी बनी हुई हैं, जो ऐसे सौदों को प्रभावित कर सकती हैं।
खार्ग द्वीप बेहद महत्वपूर्ण
रणनीतिक दृष्टि से खार्ग द्वीप बेहद महत्वपूर्ण है, जहां से ईरान का लगभग 90 प्रतिशत तेल निर्यात होता है। हाल ही में इस क्षेत्र को लेकर भी वैश्विक स्तर पर तनाव और बयानबाजी बढ़ी है, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है। फिलहाल, ‘पिंग शुन’ टैंकर का यह अचानक बदला रुख कई अटकलों को जन्म दे रहा है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि आखिर यह जहाज अपनी अंतिम मंजिल भारत तय करेगा या चीन की ओर ही बढ़ेगा।

