होम = दुनिया = बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले जमात-ए इस्लामी के चीफ रहमान से ‘सीक्रेट मीटिंग’ पर भारत ने दी प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा

बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले जमात-ए इस्लामी के चीफ रहमान से ‘सीक्रेट मीटिंग’ पर भारत ने दी प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा

by | Jan 17, 2026 | दुनिया

Bangladesh Jamaat-e-Islami chief Rahman: बांग्लादेश में जमात-ए इस्लामी के चीफ शफ़ीक़ुर रहमान से भारतीय राजनयिक की ‘सीक्रेट मीटिंग’ पर भारत सरकार ने प्रतिक्रिया दी। गौरतलब है, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने हाल ही में शफ़ीक़ुर रहमान का इंटरव्यू लिया था। इसमें उन्होंने दावा किया था कि उनकी बाईपास सर्जरी के बाद उन्होंने एक भारतीय राजनयिक से मीटिंग की थी।

भारत सरकार ने अब दी प्रतिक्रिया

भारतीय विदेश मंत्रालय से शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान शफ़ीक़ुर रहमान के इस दावे पर सवाल किया गया। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “बांग्लादेश के साथ हमारे क़रीबी द्विपक्षीय संबंध हैं। हमारे उच्चायोग के अधिकारी रूटीन तौर पर कई वार्ताकारों से मिलते हैं. जमात-ए इस्लामी के नेता से हमारी मुलाक़ात इसी संदर्भ में देखी जानी चाहिए।”

क्या कहा था जमात-ए इस्लामी के चीफ ने

जमात-ए इस्लामी के चीफ ने अपने इंटरव्यू में कहा है कि अन्य देशों के राजनयिकों ने उनसे खुले तौर पर शिष्टाचार भेंट की, लेकिन भारतीय अधिकारी ने उनसे अनुरोध किया कि मीटिंग को सीक्रेट रखा जाए।

बांग्लादेश में अगले माह है चुनाव

बांग्लादेश में फरवरी में आम चुनाव होने हैं और जमात-ए इस्लामी एक अहम ताक़त के रूप में उभरती दिख रही है। भारतीय राजनयिक से मुलाक़ात को लेकर विवाद बढ़ने पर बांग्लादेश जमात-ए इस्लामी ने एक स्पष्टीकरण भी जारी किया था।

जमात-ए इस्लामी ने चुनाव के लिए 70% सीटें लीं

जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय चुनावी गठबंधन ने 300 संसदीय सीटों में से 253 सीटों पर आपसी सहमति बना ली है। राजधानी ढाका के काकराइल स्थित डिप्लोमा इंजीनियर्स संस्थान में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इस चुनावी गठबंधन की सीट शेयरिंग का एलान किया गया। जिसमें इस संगठन ने गठबंधन में अपने लिए 70 प्रतिशत सीटों पर चुनाव लड़ने की सहमति बनाई है।

भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में बढ़ी थी तल्खी

बीते साल बांग्लादेश में इंकलाब मंच के छात्र नेता उस्मान हादी की मौत के बाद ढाका और आस-पास के इलाक़ों में व्यापक हिंसा फैल गई थी। वहां के 2 अख़बार के दफ़्तरों पर हमले, तोड़फोड़ और आगजनी के अलावा भारतीय उच्चायोग के बाहर भी भीड़ इकट्ठा हो गई और पत्थरबाज़ी की घटनाएं हुई हैं। उस्मान हादी की मौत से बांग्लादेश और भारत के बीच रिश्ते तनावपूर्ण हुए थे। तल्ख़ी बढ़ने से बांग्लादेश के कुछ नेताओं ने भारत के ख़िलाफ़ विवादित बयान दिए हैं।

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