Trump Threatens Cuba: नए साल की शुरुआत के साथ ही अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अमेरिका की आक्रामक रणनीति ने कैरेबियन क्षेत्र को एक बार फिर तनाव के केंद्र में ला खड़ा किया है। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर बड़ा सैन्य अभियान चलाया, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया।
अचानक हमले से हिल गया वेनेजुएला
अमेरिकी कार्रवाई इतनी तेज और सुनियोजित थी कि वेनेजुएला को संभलने का मौका तक नहीं मिला। सबसे बड़ी खबर यह रही कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर अमेरिका ले जाया गया। इस घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर राजनीतिक भूचाल पैदा कर दिया।
अब क्यूबा पर मंडराया खतरा
वेनेजुएला के बाद अब खतरे की सुई क्यूबा की ओर घूमती दिख रही है। ट्रंप पिछले एक साल में कई बार क्यूबा को लेकर सख्त बयान दे चुके हैं। हाल ही में उन्होंने संकेत दिया कि अगला निशाना क्यूबा हो सकता है। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल ने इन धमकियों का जवाब देते हुए देश की संप्रभुता की रक्षा का भरोसा दिलाया है। हालांकि, आर्थिक संकट से जूझ रहे क्यूबा के लिए यह स्थिति और गंभीर हो गई है।
ऊर्जा संकट ने बढ़ाई मुश्किलें
वेनेजुएला से तेल आपूर्ति रुकने के बाद क्यूबा में हालात बिगड़ गए हैं। हाल ही में देश में बड़ा ब्लैकआउट हुआ, जिससे करोड़ों लोग प्रभावित हुए।
करीब 30% तेल सप्लाई ठप
अर्थव्यवस्था में लगभग 15% गिरावट
परिवहन और उद्योग पर गहरा असर
क्यूबा लंबे समय से वेनेजुएला को मेडिकल सहायता के बदले तेल लेता रहा है, लेकिन अब यह संतुलन टूट चुका है।
67 साल पुरानी दुश्मनी फिर उभरी
अमेरिका और क्यूबा के बीच तनाव कोई नया नहीं है। 1959 में फिदेल कास्त्रो की क्रांति के बाद दोनों देशों के रिश्ते बिगड़ गए थे। 1962 का क्यूबन मिसाइल संकट तो दुनिया को परमाणु युद्ध के बेहद करीब ले आया था। हालांकि बराक ओबामा के दौर में रिश्ते सुधारने की कोशिश हुई, लेकिन ट्रंप के कार्यकाल में फिर सख्ती बढ़ गई।
क्यूबा क्यों बना टारगेट?
ट्रंप का आरोप है कि क्यूबा रूस, चीन और ईरान जैसे देशों के साथ मिलकर अमेरिका के खिलाफ गतिविधियों को समर्थन देता रहा है। इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में एक एक्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर कर क्यूबा को अमेरिका के लिए “बड़ा खतरा” बताया।
क्या बढ़ेगा टकराव?
वेनेजुएला पर हमले और क्यूबा को लेकर बढ़ती आक्रामकता ने पूरे लैटिन अमेरिका में अस्थिरता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को डर है कि यह तनाव कहीं बड़े सैन्य संघर्ष में न बदल जाए। आने वाले दिनों में अमेरिका की रणनीति और क्यूबा की प्रतिक्रिया तय करेगी कि यह टकराव सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहेगा या दुनिया एक और बड़े संकट की ओर बढ़ेगी।
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