होम = दुनिया = Nobel Peace Prize 2025 : नोबेल शांति पुरस्कार की दौड़ में डोनाल्ड ट्रंप, रूस ने किया समर्थन

Nobel Peace Prize 2025 : नोबेल शांति पुरस्कार की दौड़ में डोनाल्ड ट्रंप, रूस ने किया समर्थन

by | Oct 10, 2025 | दुनिया

Nobel Peace Prize : नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा से ठीक पहले रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को समर्थन देते हुए कहा है कि वे इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के योग्य उम्मीदवार हैं। रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, क्रेमलिन के वरिष्ठ सलाहकार यूरी उशाकोव ने शुक्रवार को बताया कि मॉस्को ट्रंप की उम्मीदवारी का समर्थन करता है, खासकर यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के उनके प्रयासों के लिए।

यूरी उशाकोव ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप की पहल ने शांति बहाली की दिशा में एक ठोस आधार तैयार किया है और हम इसे वैश्विक स्थिरता के लिए एक सकारात्मक कदम मानते हैं।”

पहले भी हो चुका है ट्रंप का नामांकन

यह पहला मौका नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप का नाम नोबेल शांति पुरस्कार के लिए सामने आया हो। अपने पहले कार्यकाल के दौरान, उन्हें अब्राहम समझौते के लिए नामांकित किया गया था, जिसने इज़राइल और कुछ अरब देशों के बीच संबंध सामान्य करने में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, उन्हें उस समय पुरस्कार नहीं मिला।

ट्रंप का बड़ा दावा: ‘मैंने आठ युद्ध रोके’

इस बार ट्रंप ने न सिर्फ़ नामांकन की बात स्वीकार की है, बल्कि यह दावा भी किया है कि उन्होंने अपने नेतृत्व में आठ अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को समाप्त करने में योगदान दिया है। इन संघर्षों की सूची में शामिल हैं:

  • इज़राइल और ईरान
  • भारत और पाकिस्तान
  • कांगो और रवांडा
  • कंबोडिया और थाईलैंड
  • आर्मेनिया और अज़रबैजान
  • मिस्र और इथियोपिया (नील नदी विवाद)
  • सर्बिया और कोसोवो

गाज़ा में इज़राइल और हमास के बीच युद्धविराम

ट्रंप ने कहा, “अगर कोई शांति का असली दूत है, तो वह मैं हूं। मैं केवल अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि दुनिया के लिए काम कर रहा हूं।”

भारत ने खारिज किए ट्रंप के दावे

हालांकि ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच शांति स्थापना में अपनी भूमिका का दावा किया है, लेकिन भारत सरकार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को कम करने में डोनाल्ड ट्रंप की कोई सीधी भूमिका नहीं रही है।

विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “भारत अपने द्विपक्षीय मामलों में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करता।”

पाकिस्तान और रूस कर रहे समर्थन

जहां एक ओर रूस ट्रंप की उम्मीदवारी का समर्थन कर रहा है, वहीं पाकिस्तान ने भी नोबेल समिति के समक्ष ट्रंप को नामांकित किया है। पाकिस्तान सरकार ने दावा किया कि ट्रंप ने दक्षिण एशिया में तनाव को कम करने में अहम भूमिका निभाई है।

क्या मिलेगा ट्रंप को नोबेल?

नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा कुछ ही दिनों में होने वाली है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ट्रंप के दावे और रूस-पाकिस्तान जैसे देशों का समर्थन उन्हें पुरस्कार दिलाने में मदद करेगा, या फिर उनका नाम एक बार फिर केवल चर्चा तक ही सीमित रहेगा।

ये भी पढ़े : फिलीपींस के मिंडानाओ में 7.4 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की चेतावनी जारी

बंगाल