India Jordan Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जॉर्डन दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को एक अनोखा और यादगार दृश्य सामने आया। जॉर्डन के क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय ने खुद गाड़ी चलाकर पीएम मोदी को अम्मान स्थित जॉर्डन म्यूजियम तक पहुँचाया। यह कदम भारत और जॉर्डन के बीच मजबूत भरोसे और आपसी सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। क्राउन प्रिंस अल हुसैन पैगंबर मोहम्मद के 42वीं पीढ़ी के वंशज माने जाते हैं। उनका यह कदम दोनों देशों के बीच रिश्तों को और अधिक घनिष्ठ बनाने वाला कदम माना जा रहा है।
पीएम मोदी सोमवार को जॉर्डन की राजधानी अम्मान पहुंचे थे और जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय के निमंत्रण पर दो दिवसीय दौरे पर हैं। जॉर्डन, पीएम मोदी की चार दिन की तीन देशों की यात्रा का पहला पड़ाव है, इसके बाद वे इथियोपिया और ओमान भी जाएंगे।
जॉर्डन म्यूजियम का दौरा
प्रधानमंत्री मोदी ने अम्मान के रास अल-ऐन इलाके में स्थित जॉर्डन म्यूजियम का दौरा किया। यह म्यूजियम देश का सबसे बड़ा संग्रहालय है, जिसमें प्रागैतिहासिक काल से लेकर आधुनिक सभ्यता तक के ऐतिहासिक और पुरातात्विक अवशेष सुरक्षित हैं। यहां 15 लाख साल पुराने जानवरों की हड्डियां और 9 हजार साल पुरानी ऐन गजाल की मूर्तियां भी देखी जा सकती हैं, जिन्हें दुनिया की सबसे पुरानी मूर्तियों में गिना जाता है।
राजा अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने आतंकवाद, कट्टरपंथ और उग्रवाद के खिलाफ दोनों देशों की साझा सोच को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत और जॉर्डन आतंकवाद के खिलाफ समान दृष्टिकोण रखते हैं और यह साझेदारी भविष्य में और मजबूत होगी।
साझेदारी को बढ़ावा देने का निर्णय
दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, आतंकवाद विरोध, कृषि, उर्वरक, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ावा देने का निर्णय लिया। पीएम मोदी ने डिजिटल तकनीक, बुनियादी ढांचे और लोगों के आपसी संपर्क को मजबूत करने की योजना भी साझा की। इस बैठक ने भारत-जॉर्डन संबंधों को नई दिशा और ऊर्जा देने का संकेत दिया।
इस दौरे ने यह साफ कर दिया कि भारत और जॉर्डन के रिश्ते केवल औपचारिक नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और साझा मूल्यों पर आधारित मजबूत साझेदारी हैं।
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