Pakistan Protests: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में भारी अशांति और हिंसा का माहौल बन गया है। कराची, लाहौर, इस्लामाबाद, स्कार्दू और गिलगिट में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और अमेरिकी और इजरायली हितों के खिलाफ जमकर विरोध जताया। इन हिंसक प्रदर्शनों में अब तक 35 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
कराची में सबसे अधिक तनाव
कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास स्थिति सबसे भयावह रही। सुल्तानाबाद और माई कोलाची से बड़ी संख्या में लोग कॉन्सुलेट की ओर बढ़े। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। भीड़ ने भी पथराव किया, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 16 लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात कर दी है और एमटी खान रोड तथा माई कोलाची रोड को पूरी तरह बंद कर दिया गया।
अन्य शहरों में भी हिंसा
• स्कार्दू: प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी कार्यालय में आग लगा दी, जिसमें 7 लोगों की मौत हुई।
• लाहौर: विरोध प्रदर्शन के दौरान कई झड़पें हुईं।
• इस्लामाबाद और गिलगिट: क्रमशः 6 और 7 लोगों की जान चली गई।
खामेनेई की मौत पर शोक और विरोध
कराची में मस्जिदों और इमामबाड़ों में शोक सभाएं आयोजित की गईं। वहीं, ईरान के तेहरान और इस्फहान में भी खामेनेई समर्थक सड़कों पर उतर आए और अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की।
सुरक्षा बढ़ाई गई
कराची प्रशासन ने हड़कंप के बीच संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कर दी हैं। ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता को प्रभावित इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है। इस तरह, खामेनेई की मौत ने पाकिस्तान में व्यापक अशांति और हिंसा की आग भड़काई है। अमेरिकी दूतावासों और स्थानीय प्रशासन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है, और स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।
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