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सपनों का बांग्लादेश’और भारत के लिए संदेश! तारिक रहमान की बांग्लादेश वापसी क्यों है खास

by | Dec 27, 2025 | दुनिया

Bangladesh India Relations: 17 साल बाद बांग्लादेश लौटे BNP के एक्टिंग चेयरमैन तारिक रहमान ने एक बार फिर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की है। ढाका पहुंचते ही उन्होंने हादी की कब्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्रीय कवि नजरूल इस्लाम को भी याद किया। स्वतंत्रता संग्रामियों और मार्टिन लूथर किंग की बात करते हुए रहमान ने आधुनिकता, इतिहास और कट्टरपंथ के बीच संतुलन बनाने की कोशिश दिखाई।

हालांकि भारत के प्रति उनका कोई स्पष्ट बयान नहीं आया, लेकिन BNP के नेताओं के सुर नरम हैं। भारत यूनुस सरकार में अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा को लेकर चिंतित है और कार्रवाई की मांग कर रहा है। ऐसे में तारिक की रणनीति पर भारत की निगाहें टिकी हैं।

तारिक से क्या है उमीदें

तारिक की वापसी को एक उम्मीद की किरण के रूप में देखा जा रहा है। शेख हसीना की पार्टी के साथ भारत के अच्छे रिश्ते रहे हैं, लेकिन BNP और कट्टरपंथी ताकतों के बढ़ते प्रभाव ने संतुलन बिगाड़ दिया है। तारिक रहमान की वापसी से सेक्युलरिज्म पर जोर मिलने की संभावना है, जो अल्पसंख्यकों और भारत के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है।

बांग्लादेश सभी धर्मों का

ढाका में अपने पहले बयानों में तारिक ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश सभी धर्मों का है। इस्लाम, हिंदू, बौद्ध, ईसाई और अन्य। यह BNP के पुराने जमात-ए-इस्लामी के भारत विरोधी तेवरों से हटकर एक सेक्युलर दिशा की ओर इशारा करता है। 12 फरवरी को होने वाले चुनावों में BNP की जीत ही बदलाव का मार्ग तय करेगी। तारिक की प्राथमिकता स्पष्ट है “बांग्लादेश पहले”। लेकिन यदि सत्ता में आते हैं, तो भारत के साथ पानी-बंटवारे जैसे सेंसिटिव मुद्दों पर उनकी रणनीति भी अहम होगी।

जहां शेख हसीना भारत में हैं, वहीं तारिक की वापसी और उनके बयानों से भारत-बांग्लादेश रिश्तों में संतुलन और उम्मीद दोनों देखने को मिल सकते हैं। लेकिन असली असर तो चुनाव और उनके सत्ता में आने के बाद ही साफ होगा।

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