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ईरान के साथ युद्ध से पहले अमेरिकी सैनिकों के बीच टॉयलेट की जंग, जानें क्या है पूरा विवाद

by | Feb 24, 2026 | News Top, दुनिया

Iran US tensions: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने सैन्य संसाधनों की तैनाती तेज कर दी है। राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के संकेतों के बीच अमेरिकी नौसेना ने दशकों में सबसे बड़ा युद्धपोत और विमान बेड़ा क्षेत्र में भेजने की तैयारी की है। हालांकि रणनीतिक स्तर पर यह शक्ति प्रदर्शन अहम माना जा रहा है, लेकिन समुद्र में तैनात हजारों सैनिकों के लिए चुनौतियां अलग तरह की हैं।

यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड की लंबी तैनाती

दुनिया के सबसे बड़े विमानवाहक पोतों में शामिल यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड पिछले वर्ष जून से लगातार समुद्र में है। इसकी तैनाती को दूसरी बार बढ़ाए जाने से जहाज पर सवार लगभग 5,000 नाविकों की ड्यूटी अवधि असामान्य रूप से लंबी हो गई है। आम तौर पर शांतिकाल में किसी विमानवाहक पोत की तैनाती करीब छह महीने की होती है, लेकिन इस बार यह अवधि आठ महीने पार कर चुकी है और 11 महीने तक पहुंचने की आशंका है।

सूत्रों के मुताबिक, जनवरी में एक अभियान के दौरान इस पोत के विमानों ने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से जुड़े मिशन में भूमिका निभाई थी। उस मिशन के बाद चालक दल को संकेत मिला कि संभावित ईरान कार्रवाई को ध्यान में रखते हुए उनकी तैनाती और बढ़ाई जा सकती है।

रखरखाव की समस्या

लंबे समय तक समुद्र में रहने से जहाज की तकनीकी प्रणालियों पर असर पड़ना स्वाभाविक है। करीब 13 अरब डॉलर की लागत से बने इस अत्याधुनिक पोत में प्लंबिंग और शौचालय प्रणाली से जुड़ी दिक्कतें सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, वैक्यूम आधारित सिस्टम में छोटी खराबी भी पूरे हिस्से की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर देती है। रखरखाव दल को पाइपलाइन में कपड़ों से लेकर लंबी रस्सियों तक कई वस्तुएं फंसी हुई मिली हैं, जिससे मरम्मत कार्य जटिल हो जाता है। लगातार उपयोग और मरम्मत में देरी के कारण समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।

नाविकों पर मानसिक दबाव

जहाज पर तैनात अधिकांश नाविक युवा हैं, जिनकी उम्र लगभग 20 वर्ष के आसपास है। लंबी तैनाती और परिवार से दूर रहने के कारण उनमें तनाव और असंतोष बढ़ रहा है। गोपनीय अभियानों के दौरान घोस्ट मोड लागू होने पर वे अपने परिजनों से संपर्क भी नहीं कर पाते, जिससे मानसिक दबाव और बढ़ जाता है। कुछ नाविकों ने संकेत दिया है कि तैनाती समाप्त होने के बाद वे नौसेना छोड़ने पर विचार कर सकते हैं।

मध्य पूर्व में अमेरिकी मौजूदगी

वर्तमान में अमेरिका ने क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक युद्धपोत तैनात किए हैं, जिनमें USS Abraham Lincoln सहित कई विध्वंसक और तटीय युद्धपोत शामिल हैं। एक ही समय में दो विमानवाहक पोतों की मध्य पूर्व में मौजूदगी असामान्य मानी जाती है। ये पोत दर्जनों लड़ाकू विमानों और हजारों सैनिकों को साथ लेकर चलते हैं, जो किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहते हैं।

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