India-US Virtual Talks Continue: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ता अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने संकेत दिए हैं कि दोनों देश ट्रेड डील को लेकर बेहद करीब हैं और जैसे ही दोनों पक्ष पूरी तरह तैयार होंगे, इसका औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा। हालांकि, फिलहाल किसी निश्चित तारीख की घोषणा नहीं की गई है।
राजेश अग्रवाल के मुताबिक, भारत और अमेरिका की बातचीत टीमों के बीच संवाद लगातार जारी है और यह प्रक्रिया कभी रुकी नहीं। दोनों देशों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से लंबित मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के बीच भी अहम वर्चुअल बैठक हो चुकी है, जिससे बातचीत को और गति मिली है।
टैरिफ के बावजूद अमेरिका को निर्यात बरकरार
27 अगस्त से अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बावजूद भारतीय निर्यात पर बड़ा झटका नहीं लगा है। दिसंबर में भारत का अमेरिका को निर्यात 6.89 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले की तुलना में मामूली गिरावट दिखाता है। नवंबर 2025 में यह आंकड़ा 6.98 अरब डॉलर था। अग्रवाल ने साफ किया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और दवाओं जैसे अहम सेक्टर टैरिफ के दायरे से बाहर हैं, जिससे निर्यात को सहारा मिला है।
हालांकि, उन्होंने माना कि कपड़ा और चमड़ा जैसे सेक्टर पर ऊंचे टैरिफ का दबाव जरूर पड़ा है। ज्यादा टैरिफ सप्लाई चेन को प्रभावित करते हैं, इसलिए सरकार निर्यात को मजबूत बनाने और किसी एक बाजार पर निर्भरता कम करने की रणनीति पर काम कर रही है। यही वजह है कि कई कपड़ा निर्माता टैरिफ के बावजूद निर्यात बढ़ाने में सफल रहे हैं।
अमेरिका बना भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार
वित्त वर्ष 2026 के अप्रैल से दिसंबर के बीच अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बना रहा। इस अवधि में भारत का अमेरिका को निर्यात 65.88 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 60.03 अरब डॉलर था। यह आंकड़े दोनों देशों के मजबूत व्यापारिक रिश्तों की तस्वीर पेश करते हैं।
नए बाजारों की तलाश पर जोर
वाणिज्य सचिव ने कहा कि सरकार उन सेक्टरों के लिए नए बाजार तलाश रही है, जो ऊंचे टैरिफ से प्रभावित हुए हैं। निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने और संभावित नुकसान की भरपाई के लिए रणनीतिक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत सकारात्मक रवैये के साथ बातचीत करता है और दोनों देशों के बीच मजबूत जुड़ाव होने के कारण समझौते की संभावना पूरी है।
ईरान और तेल पर भी नजर
ईरान के साथ व्यापार को लेकर अग्रवाल ने कहा कि भारत का अधिकांश निर्यात मानवीय आधार पर होता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा के बाद भारत इस मामले में अमेरिका के आधिकारिक निर्देशों का इंतजार करेगा।
भारत–यूरोपीय संघ FTA में भी प्रगति
भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी अहम प्रगति हुई है। 24 में से 20 अध्यायों पर सहमति बन चुकी है और शेष मुद्दों पर बातचीत जारी है। दोनों पक्ष जनवरी की तय समयसीमा तक समझौता पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि उसी दौरान शीर्ष नेतृत्व की मुलाकात प्रस्तावित है। खास बात यह है कि कृषि जैसे संवेदनशील मुद्दों को समझौते से बाहर रखा गया है, जिससे राजनीतिक और घरेलू बाधाएं कम हुई हैं।
कुल मिलाकर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील अब अंतिम मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है और आने वाले दिनों में इससे जुड़ा बड़ा ऐलान होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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