सहारनपुर, उत्तर प्रदेश में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष Arshad Madani ने उत्तराखंड में धार्मिक स्थलों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह मानते हैं कि देश केवल उनका है और वे जनता को किसी भी दिशा में ले जा सकते हैं, लेकिन समय बदल चुका है। मदनी ने जोर देकर कहा कि देश में प्रेम और भाईचारे के साथ रहना ही बेहतर है और जमीयत उलेमा-ए-हिंद इसी भावना की शिक्षा देती है। उन्होंने आगे कहा कि यह मुद्दा केवल केदारनाथ तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, असम में पूरी की पूरी कॉलोनियां तोड़ी जा रही हैं और लाखों मुसलमानों को बांग्लादेशी बताया जा रहा है। अरशद मदनी के इन बयानों के बाद धार्मिक स्थलों में प्रवेश, नागरिक अधिकार और सामाजिक सौहार्द को लेकर बहस तेज हो गई है।
Non-Hindus की Entry रोक पर Arshad Madani का फूटा गुस्सा, याद दिलाया आज़ादी में मुसलमानों का योगदान!
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