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यूपी में 10 टन ऑयल एक्सट्रैक्शन यूनिट लगाने पर मिलेगा 9.90 लाख, 31 अगस्त तक करें आवेदन

Uttar Pradesh Yojna : उत्तर प्रदेश में किसानों पर भी योगी सरकार ध्यान दे रही है। प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी की डबल इंजन सरकार अन्नदाता किसानों के हित में निरंतर कदम उठा रही है। इसी क्रम में सरकार के निर्देशन में कृषि विभाग ने वर्ष 2025-26 के लिए भी एफपीओ और सहकारी समितियों के लिए बड़ा कदम उठाया है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि 10 टन ऑयल एक्सट्रैक्शन यूनिट की स्थापना पर एफपीओ/सहकारी समितियों को अनुदान मिलेगा। इसका लाभ लेने के लिए 14 से 31 अगस्त तक पोर्टल पर आवेदन करना होगा।

क्या है पूरी परियोजना

मिली जानकारी के अनुसार, अनुदान स्वरूप प्रोजेक्ट की कीमत का 33 प्रतिशत या अधिकतम 9.90 लाख रुपये का अनुदान मिल सकेगा। इसके लिए एफपीओ/सहकारी समितियों agridarshan.up.gov.in या upfposhaktiportal.up.gov.in पर पंजीकरण अनिवार्य है। अनुदान प्राप्त करने वाले एफपीओ व सहकारी समितियों के पास तीन वर्ष का अनुभव और 200 किसानों का सदस्य होना अनिवार्य है।

फायदा लेने के लिए यहां करना होगा आवेदन

अपर कृषि निदेशक (तिलहन/दलहन) अनिल कुमार पाठक ने बताया कि agridarshan.up.gov.in पर 14 से 31 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। नेशनल मिशन ऑन एडिबिल ऑयल (ऑयलसीड्स) वर्ष 2025-26 के तहत कृषि विभाग के पोर्टल agridarshan.up.gov.in या upfposhaktiportal.up.gov.in पर पंजीकृत एफपीओ व सहकारी समितियों के लिए 10 टन क्षमता की ऑयल एक्सट्रैक्शन यूनिट की स्थापना कराए जाने पर उक्त अनुदान प्राप्त होगा। फसल के उपरांत तिलहन संग्रह, तेल निष्कर्षण व पुनप्राप्ति की दक्षता बढ़ाने, सार्वजनिक-निजी उद्योगों, एफपीओ व सहकारी समितियों को इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता या दक्षता में सुधार सहित कटाई के बाद के इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना के लिए मिशन द्वारा

आवेदन के लिए इन चीजों का होना जरूरी

1- कम्पनी अधिनियम या सहकारिता अधिनियम के तहत पंजीकृत होने चाहिए।
2- कम से कम 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिये।
3- कम से कम 200 किसान एफपीओ या सहकारी समितियों में पंजीकृत होने चाहिए।
4-पिछले तीन वर्षों में औसत वार्षिक कारोबार 09 लाख रुपये से अधिक होना चाहिए।
5- एफपीओ में किसानों द्वारा कम से कम 03 लाख रुपये की इक्विटी होनी चाहिए।
6- एफपीओ का शक्ति पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है।

सहकारी समितियों के ये करना होगा

1- सहकारिता अधिनियम के तहत पंजीकृत होना चाहिए।
2- समिति का कृषि क्षेत्र में तिलहन उत्पादन कय, विक्रय, प्रसंस्करण आदि के क्षेत्र में कम से कम 3 वर्ष का कार्य अनुभव होना
3- कम से कम 200 किसान सहकारी समितियों में पंजीकृत होने चाहिए।
4- पिछले तीन वर्षों में औसत वार्षिक कारोबार 09 लाख रुपये से अधिक होना चाहिए।

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