Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति की बिगड़ती स्थिति को लेकर ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए रविवार को एक बड़ा फैसला लिया. बस्ती जिले के मुड़ घाट मोहल्ले में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर एक उपभोक्ता से अभद्र व्यवहार करने वाले अधीक्षण अभियंता (SE) प्रशांत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
क्या है पूरा मामला
यह कार्रवाई तब की गई जब सोशल मीडिया पर प्रशांत सिंह की एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई,जिसमें वह बिजली की शिकायत करने वाले एक रिटायर्ड पीसीएस अधिकारी से अभद्र भाषा में बात करते और अपने राजनीतिक संबंधों का बखान करते सुनाई दिए. ऑडियो में वह समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन को अपना बहनोई और पूर्व सांसद राज बब्बर को साला बता रहे हैं.
उपभोक्ता देवो भव:
बिजली उपभोक्ता की शिकायत के प्रति असंवेदनशीलता एवं अमर्यादित व्यवहार की घटना पर बस्ती के SE श्री प्रशांत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है l
अन्य समस्त विद्युत अधिकारियों एवं कर्मियों को उपभोक्ता समस्याओं के प्रभावी एवं त्वरित समाधान हेतु पुनः… pic.twitter.com/8QRdarbF2n
— A K Sharma (@aksharmaBharat) July 27, 2025
ऊर्जा मंत्री ने स्वयं यह ऑडियो क्लिप अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा करते हुए बताया कि उन्हें यह रिकॉर्डिंग एक वरिष्ठ राजनेता ने कार्रवाई हेतु भेजी थी. मंत्री शर्मा ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL)के चेयरमैन और अन्य अधिकारियों को जनता से सीधे संवाद करने और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान करने का निर्देश दिया था, लेकिन इन निर्देशों की अनदेखी की गई.
उपभोक्ता देवो भव के सिद्धांत की अवहेलना
ए.के. शर्मा ने अपने पोस्ट में लिखा कि ‘उपभोक्ता देवो भव:’ के सिद्धांत का पालन न करने, बिजली उपभोक्ता की शिकायत के प्रति असंवेदनशीलता और अमर्यादित व्यवहार के कारण SE प्रशांत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को जनता के प्रति जवाबदेह बनने,त्वरित समाधान सुनिश्चित करने और विनम्र भाषा का प्रयोग करने की सख्त हिदायत दी.
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जनसेवा में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
मंत्री शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं से सिर्फ 1912 टोल-फ्री नंबर पर शिकायत करने को कहना गलत है. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को किसी भी माध्यम से आने वाली उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से सुनना और उसका समाधान करना चाहिए.
ऊर्जा मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी ने जनसेवा में कोताही बरती या जनता से अभद्र व्यवहार किया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार बिजली आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने और उपभोक्ताओं को समय पर सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है.

