Russian Woman: भारत में पढ़ाई और नई ज़िंदगी के सपने लेकर आई एक रूसी महिला की कहानी अब कथित धोखे और विश्वासघात की दर्दनाक मिसाल बन गई है। यह मामला तब सुर्खियों में आया, जब इसे सोशल मीडिया के एक प्लेटफॉर्म ने साझा किया और देखते ही देखते यह वायरल हो गया।
क्या है पूरा मामला
ओल्गा नाम की यह महिला 2015 में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में PHD करने के लिए भारत आई थी। उसने बताया कि 2014 में उसकी मुलाकात एक भारतीय युवक से हुई। धीरे-धीरे दोनों करीब आए और 2019 में शादी कर ली। ओल्गा के अनुसार, उसने भारत को अपना घर मान लिया था और भविष्य को लेकर भरोसे से भरी हुई थी।
लेकिन उसकी ज़िंदगी नवंबर 2023 में अचानक बदल गई। जब उसने स्पाउसल वीज़ा के लिए आवेदन किया, तो प्रक्रिया के तहत उसके पति को इंटरव्यू देना था। इसी दौरान जनवरी 2024 में वह अचानक लापता हो गया। ओल्गा ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई और महीनों तक पुलिस के साथ सहयोग किया, इस डर में कि कहीं उसके पति की मौत न हो गई हो।
कैसे खोला भेद
वीज़ा प्रक्रिया रुक जाने के कारण वह भारत छोड़ने में असमर्थ थी। उसने बताया कि न तो उसके पास पैसे थे और न ही कोई करीबी परिवार। मदद करने वाले दोस्तों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वह खुद को हर तरह से फंसा हुआ महसूस कर रही थी। कुछ समय बाद सोशल मीडिया से उसे सच्चाई का पता चला उसका पति ज़िंदा था, साधु का भेष अपनाकर पहाड़ों में घूम रहा था और टूरिस्ट को गाइड कर रहा था। वापस लौटने पर उसने माफी मांगी और ओल्गा ने उस पर भरोसा कर लिया।
पति पर कई आरोप
ओल्गा के मुताबिक, दोनों कुछ समय के लिए हिमाचल प्रदेश में साथ रहे, लेकिन बाद में उसे पता चला कि उसका पति पास में ही किसी दूसरी महिला के साथ रह रहा है। उसने आरोप लगाया कि उससे आर्थिक मदद ली गई और फिर उसे मानसिक रूप से अस्थिर साबित कर नौकरी से निकलवाने की कोशिश की गई।
ताजा अपडेट में नया खुलासा
एक ताज़ा अपडेट में ओल्गा ने बताया कि जब वह आखिरकार रूस लौटने वाली थी, तब उसी पति की गुमशुदगी शिकायत के कारण उसे फ्लाइट से उतार दिया गया। अब वह कानूनी मदद लेकर अपना वीज़ा स्टेटस ठीक कराने और घर लौटने की कोशिश कर रही है। यह मामला न सिर्फ रिश्तों में भरोसे, बल्कि विदेशी नागरिकों के वीज़ा और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
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