Traveling Tips : मां बनने के बाद जब महिलाएं पहली बार अपने नन्हे मेहमान के साथ यात्रा करती हैं तो उनके मन में ढेरों सवाल उठते हैं। सफर के दौरान बच्चे की सेहत, आराम और सुरक्षा को लेकर चिंताएं होना बिल्कुल स्वाभाविक है। लेकिन थोड़ी समझदारी, सही तैयारी और धैर्य के साथ किया गया ट्रैवल न केवल आसान हो सकता है बल्कि मां और बच्चे दोनों के लिए सुखद अनुभव भी बन सकता है।
अगर आप भी पहली बार अपने न्यूबॉर्न बेबी के साथ सफर करने जा रहे हैं, तो यहां कुछ जरूरी टिप्स हैं जिन्हें अपनाकर आप बिना तनाव के यात्रा का आनंद उठा सकती हैं।
डॉक्टर की गाइडेंस जरूरी
ट्रिप पर निकलने से पहले बच्चे के पीडियाट्रिशियन से जरूर मिलें। डॉक्टर बता पाएंगे कि बच्चा सफर के लिए फिट है या नहीं। आमतौर पर 6 से 8 हफ्ते से छोटे शिशुओं को लंबी यात्रा से बचाने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा बच्चे के टीकाकरण और दवाइयों की जानकारी पहले ही ले लें।
स्मार्ट पैकिंग करें
बच्चों के साथ यात्रा में पैकिंग सबसे अहम होती है। डायपर, वाइप्स, अतिरिक्त कपड़े, बोतल, दूध या फॉर्मूला, नर्सिंग कवर, बर्प क्लॉथ, दवाइयां, थर्मामीटर, हैंड सैनिटाइज़र और टिश्यू जैसी सभी आवश्यक चीजें पैक करें। जरूरी सामान को एक छोटे हैंडबैग में रखें ताकि तुरंत इस्तेमाल कर सकें।
यात्रा के साधन के अनुसार तैयारी
हवाई यात्रा: फ्लाइट बुकिंग के समय बेबी बास्किनेट की मांग करें। टेक ऑफ और लैंडिंग के दौरान बच्चे को दूध पिलाने या पैसिफायर देने से कानों में दबाव नहीं बनेगा।
कार से यात्रा: बच्चे को हमेशा कार सीट में ही बैठाएं। हर कुछ घंटे बाद रुककर बच्चे को दूध पिलाएं, डायपर बदलें और थोड़ा समय स्ट्रेच करने दें।
फीडिंग का प्लान पहले बनाएं
सफर में बच्चे को दूध पिलाना चुनौती भरा हो सकता है। यदि स्तनपान कराती हैं तो नर्सिंग कवर साथ रखें, और अगर फॉर्मूला देते हैं तो बोतलें, गर्म पानी और पाउडर पहले से तैयार रखें। यात्रा का समय बच्चे की नींद के शेड्यूल से मिलाने की कोशिश करें और उसका पसंदीदा खिलौना या कंबल जरूर साथ लें।
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खुद को रिलैक्स रखें
बच्चा रो सकता है, भूख लग सकती है या असहज महसूस कर सकता है। यह सब सामान्य है। घबराने की बजाय शांत रहें और स्थिति के अनुसार कदम उठाएं।

