AI In Workplace: 11,000 कर्मचारियों की छंटनी के बाद एक्सेंचर ने एक नया ऐलान किया है, जो IT इंडस्ट्री में हलचल पैदा कर सकता है। कंपनी ने अपने सीनियर कर्मचारियों को स्पष्ट कर दिया है कि अब उनके प्रमोशन का मूल्यांकन सीधे उनके AI के इस्तेमाल पर निर्भर करेगा। जो कर्मचारी AI टूल्स का नियमित उपयोग नहीं करेंगे, उनका करियर प्रभावित हो सकता है।
AI का दबदबा
यह कदम ऐसे समय में आया है जब माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और मेटा जैसी कंपनियों ने भी स्पष्ट किया है कि AI का इस्तेमाल अब ऑप्शनल नहीं। माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्या नडेला ने चेतावनी दी थी कि अगर अधिकारी कंपनी के AI प्लान का समर्थन नहीं करते, तो उन्हें अपनी भविष्य की योजना पर विचार करना चाहिए। गूगल और मेटा ने भी अपने कर्मचारियों के AI उपयोग पर नजर रखना शुरू कर दिया है।
प्रमोशन और परफॉर्मेंस अब AI-ड्रिवन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्सेंचर ने एसोसिएट डायरेक्टर्स और सीनियर मैनेजर्स को ईमेल के जरिए बताया कि लीडरशिप रोल में प्रमोशन के लिए AI टूल्स का नियमित इस्तेमाल जरुरी होगा। CEO जूली स्वीट ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में कहा कि कंपनियों को अपने वर्कफोर्स और प्रोसेस को AI के मुताबिक बदलना होगा, ताकि भविष्य में उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बनी रहे।
AI रिफाइनरी से मॉनिटरिंग
कंपनी ने अपने इन-हाउस प्लेटफॉर्म AI रिफाइनरी के जरिए कर्मचारियों के AI इस्तेमाल को ट्रैक करने की योजना बनाई है। यह प्लेटफॉर्म NVIDIA के साथ पार्टनरशिप में विकसित किया गया है और कर्मचारियों के लॉग-इन और टूल उपयोग को मॉनिटर करेगा।
इंडस्ट्री में बदलाव का संकेत
इस कदम से स्पष्ट है कि IT कंपनियां अब AI-ड्रिवन काम के कल्चर को अपनाने के लिए मजबूर कर रही हैं। पिछले साल लाखों कर्मचारियों की छंटनी के बाद, यह कदम प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और कर्मचारियों की संख्या नियंत्रित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, कुछ यूरोपीय देशों और अमेरिकी सरकारी कॉन्ट्रैक्ट डिवीजनों के कर्मचारियों को इस आदेश से छूट दी गई है। भविष्य में एंट्री-लेवल कर्मचारियों पर भी इसी तरह का दबाव पड़ सकता है।
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