आरोपियों ने कथित रूप से नाबालिग पर मानसिक दबाव बनाकर उसे इस्लाम कबूल करने को मजबूर किया.इसके बाद उसे जिहाद के नाम पर उकसाया गया और कट्टरपंथी विचारधारा के तहत आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की योजना बनाई