शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि हम मनुस्मृति को संविधान से बड़ा मानते हैं.संविधान ने देश और समाज को दो हिस्सों में बांट दिया है.यह देश के नागरिकों के बीच भेदभाव करता है.
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“भारत के संविधान की प्रस्तावना परिवर्तनशील नहीं”, प्रस्तावना विवाद के बीच उपराष्ट्रपति का बड़ा बयान
Jagdeep Dhankhar: देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शनिवार को संविधान की प्रस्तावना को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि संविधान की प्रस्तावना परिवर्तनशील नहीं है। दुनिया के अन्य किसी भी देश की संविधान प्रस्तावना में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि भारत में एक बार ऐसा हो...
संविधान और संसद को लेकर जारी बहस के बीच CJI का जवाब…बताया कौन है ज्यादा ताकतवर
Constitution or Parliament debate : न्यायपालिका-कार्यपालिका के बीच बढ़ते टकराव और सांसद- संविधान में कौन बड़ा, की लड़ाई के बीच भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई ने कहा है कि संसद नहीं, बल्कि संविधान सर्वोच्च है. अमरावती में बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक सम्मान...



