Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की राजनीति मंगलवार को तब और गर्म हो गई जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नॉर्थ 24 परगना के बनगांव में विशाल SIR विरोधी रैली को संबोधित किया। मतुआ समुदाय के गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में ममता ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखे और सीधे हमले किए। रैली में उन्होंने एक के बाद एक बयान देकर ना सिर्फ बीजेपी बल्कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर दिए।
बंगाल के वोटरों में भय पैदा!
ममता बनर्जी ने SIR प्रक्रिया को “राजनीतिक हथियार” बताते हुए कहा कि इस पूरे अभियान का असली उद्देश्य बंगाल के वोटरों में भय पैदा करना है। उन्होंने कहा कि SIR पूरा होने में तीन साल लगते हैं और हमारी सरकार ने कभी इसका विरोध नहीं किया, लेकिन हमने साफ कहा है कि किसी भी असली वोटर का नाम काटा नहीं जा सकता। ममता का आरोप था कि बीजेपी अपने दफ्तर में बैठकर ही वोटर लिस्ट तैयार कर रही है और इसमें छेड़छाड़ की जा रही है। चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ECI का काम निष्पक्ष रहना है, “बीजेपी कमीशन” बनना नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आज बंगाल के लाखों लोगों को अवैध बताया जा रहा है, तो 2014 में जिन लोगों ने मोदी सरकार को वोट दिया, क्या वे भी अवैध थे?
बीजेपी मेरे खेल में मुझसे लड़ नहीं सकती…
CM ममता यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा “बीजेपी मेरे खेल में मुझसे लड़ नहीं सकती। अगर बंगाल में मुझ पर हमला किया गया, तो मैं पूरे देश में BJP की नींव हिला दूंगी।” उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। रैली से पहले ममता सड़क मार्ग से बनगांव पहुंचीं। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी की साजिश के कारण उनके हेलीकॉप्टर की उड़ान रोकी गई। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता था कि मैं यहां न पहुंचूं, लेकिन मुझे रोकना आसान नहीं।
बंगाल में नहीं छिनेगा किसी का घर
CAA को लेकर भी उन्होंने बीजेपी पर तंज कसा। ममता ने कहा कि धर्म के आधार पर फॉर्म भरवाना संविधान के खिलाफ है। “जब आप खुद लिखेंगे कि आप बांग्लादेशी हैं, तो आप अपनी पहचान ही खतरे में डाल रहे हैं। सोशल मीडिया की अफवाहों पर मत भरोसा करें। अंत में ममता बनर्जी ने आश्वासन दिया की बंगाल किसी का घर नहीं छिनेगा। मैं हूं, तो किसी को यहां से निकालने नहीं दूंगी।

