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बाबरी ढांचे जैसी मस्जिद निर्माण को मिला करोड़ों का चंदा, दान गिनने के लिए मंगानी पड़ी मशीन

Babri Masjid Donation: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में TMC से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा 6 दिसंबर को “बाबरी जैसी मस्जिद” की नींव रखे जाने के बाद पूरे प्रदेश में राजनीतिक हलचल मच गई है। बाबरी विध्वंस की 33वीं बरसी पर किए गए इस शिलान्यास समारोह में भारी भीड़ जुटी और अब चंदे का एक वीडियो सामने आया है जिसमें लोग नोट गिनते दिखाई दे रहे हैं।

11 पेटी चंदा

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि समारोह में 11 पेटियों में चंदा इकट्ठा हुआ। रकम इतनी ज्यादा थी कि गिनती के लिए 30 लोगों और नोट-गिनने की मशीन लगानी पड़ी। हुमायूं कबीर ने खुद यह वीडियो अपने फेसबुक अकाउंट से साझा किया है। शिलान्यास के बाद कबीर ने कहा कि फरवरी में 1 लाख लोगों से कुरान ख्वानी करवाने के बाद ही निर्माण शुरू होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि वे जल्द नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे, 135 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और AIMIM से गठबंधन की कोशिश करेंगे।

विवाद की शुरुआत

  • 28 नवंबर को बेलडांगा में बाबरी मस्जिद शिलान्यास के पोस्टर लगे तो विवाद शुरू हुआ
  • BJP ने विरोध किया, कांग्रेस नेताओं का समर्थन मिला
  • 3 दिसंबर को TMC ने कहा कि इस घोषणा से पार्टी का कोई संबंध नहीं
  • 4 दिसंबर को TMC ने कबीर को निलंबित कर दिया

इसके बावजूद कबीर ने कहा “मैं अपने बयान पर कायम हूं, 22 दिसंबर को नई पार्टी की घोषणा करूंगा।”

कबीर के विवादित बयान

कबीर पहले भी भड़काऊ बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। 2025 में उन्होंने कहा “अगर 100 मुसलमान शहीद होंगे तो 500 को साथ ले जाएंगे।” 2024 चुनाव प्रचार में बोले “दो घंटे में हिंदुओं को भागीरथी में डुबो दूंगा हम 70%, तुम 30% हो।” इन बयानों पर चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया था।

बाबरी विवाद बंगाल में कैसे पहुंचा?

विवाद 2024 में तब शुरू हुआ जब कबीर ने अयोध्या की बाबरी मस्जिद की “छोटी प्रतिकृति” बनाने की बात कही थी। इसके जवाब में BJP ने उसी क्षेत्र में राम मंदिर बनाने की घोषणा की, जिससे मामला और गरम हो गया। मुर्शिदाबाद में मस्जिद निर्माण का यह विवाद अब बंगाल की राजनीति को नए मोड़ पर ले जाता दिखाई दे रहा है।

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