Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार ने संविधान दिवस को इस बार बेहद विशेष और ऐतिहासिक रूप में मनाने की तैयारी कर ली है। प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 26 नवंबर की सुबह वंदेमातरम का सामूहिक गायन होगा। शिक्षा विभाग ने इस आयोजन को लेकर आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद प्रदेशभर के स्कूलों में तैयारियां तेज हो गई हैं।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक मुकुल सती ने बताया कि राज्य के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों (CEOs) को स्पष्ट निर्देश भेजे गए हैं कि सुबह 9:30 बजे ठीक समय पर वंदेमातरम का सामूहिक पाठ कराया जाए। यह राष्ट्रीय गीत सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि संविधान दिवस के प्रतीकात्मक महत्व को दर्शाने वाला एक बड़ा कार्यक्रम होगा।
क्या है सरकार की योजना
सरकार की योजना के अनुसार, 26 नवंबर को विद्यालयों में न सिर्फ छात्र-छात्राएं और शिक्षक उपस्थित रहेंगे, बल्कि कई जनप्रतिनिधियों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। इसमें स्थानीय विधायक, जिला पंचायत सदस्य, नगर निकाय प्रतिनिधि और अन्य जनसेवक शामिल होंगे। इस राज्यव्यापी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, और कई कैबिनेट मंत्री भी विभिन्न स्कूलों में उपस्थित रहकर बच्चों के साथ संविधान दिवस मनाएंगे। इससे आयोजन की गरिमा और बढ़ने वाली है।
स्कूलों में सुबह विशेष सभाएं
शिक्षा निदेशक के अनुसार, स्कूलों में सुबह विशेष सभाएं आयोजित होंगी, जिसमें संविधान की प्रस्तावना का संक्षिप्त वाचन, राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन और संविधान निर्माताओं के योगदान से जुड़े संदेश पढ़े जाएंगे। कई विद्यालय अपने स्तर पर विशेष कार्यक्रम, निबंध प्रतियोगिताएं और पोस्टर प्रदर्शन भी करने जा रहे हैं। प्रदेश सरकार का मानना है कि यह पहल बच्चों और युवाओं में संवैधानिक मूल्यों, राष्ट्रभक्ति और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को मजबूत करेगी। साथ ही वंदेमातरम के सामूहिक गायन से एकता, सम्मान और राष्ट्रीय गौरव का संदेश पूरे राज्य में जाएगा। 26 नवंबर को पूरे उत्तराखंड में सुबह 9:30 बजे एक साथ उठने वाली वंदेमातरम की गूंज, प्रदेश के लिए एक अद्वितीय और यादगार क्षण बनने जा रही है।
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