UP News: अयोध्या की पवित्र नगरी में जैसे ही सर्दियों ने दस्तक दी, वैसे ही श्रीरामजन्मभूमि परिसर में विराजमान बालक रामलला की सेवा और दिनचर्या में भी बदलाव शुरू हो गया है। ठंड बढ़ने के साथ अब रामलला के राग-भोग और स्नान की व्यवस्था सर्दी के अनुरूप की जा रही है। मंदिर के पुजारियों के अनुसार, अब रामलला को सुबह गुनगुने जल से स्नान कराया जा रहा है ताकि ठंड के कारण उन्हें असुविधा न हो। स्नान के बाद उन्हें गर्म वस्त्र पहनाए जाते हैं और भोग में पौष्टिक, ऊर्जा से भरपूर सामग्री शामिल की जा रही है।
मंदिर में अब बालक राम को रबड़ी, पेड़ा, खीर और माखन-मिश्री के साथ मेवों का पंचामृत अर्पित किया जा रहा है। साथ ही काजू, बादाम, पिस्ता और किशमिश जैसे ड्राई फ्रूट्स को भोग में जोड़ा गया है।
क्या है बदला हुआ टाइम
पुजारी ने बताया कि रामलला को प्रतिदिन सुबह 4:30 बजे जगाया जाता है। पहले जहां स्नान के लिए सामान्य जल का उपयोग होता था, अब उसकी जगह गुनगुने पानी का प्रयोग किया जा रहा है। भोजन में पूड़ी, हलुआ और पिस्ता मिश्रित दूध परोसा जा रहा है। माना जाता है कि भगवान की सेवा उसी रूप में की जाती है, जिस रूप में वे विराजमान हैं और चूंकि रामलला बालक स्वरूप में हैं, इसलिए उनके प्रति सेवा भी उसी स्नेह और सावधानी से की जाती है जैसी एक छोटे बच्चे की जाती है।
पूरा ‘राम परिवार’ मंदिर की पहली मंजिल पर विराजमान
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भव्य निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि अब भगवान श्रीराम के साथ पूरा ‘राम परिवार’ मंदिर की पहली मंजिल पर विराजमान हो चुका है। यह क्षण मंदिर निर्माण यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों मंदिर के शिखर पर ‘ध्वज’ फहराने का कार्यक्रम तय किया गया है। उसी दिन ‘राम परिवार’ की विशेष आरती भी की जाएगी। इस समारोह में देशभर से 6,000 से अधिक संत-महात्मा, धार्मिक नेता और विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। अयोध्या में इन दिनों तैयारियां जोरों पर हैं ताकि यह आयोजन न केवल भव्य बल्कि युगों तक याद रखा जाने वाला बने।
ये भी पढ़ें: ग्रेटर नोएडा में छठ पूजा का अनोखा नज़ारा, ड्रोन से बरसेंगे फूल, रंगीन रोशनी से सजे घाट

