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BJP गढ़ों में वोटर गायब! मुस्लिम बहुल इलाकों में असर कम, क्या UP SIR से बदलेंगे चुनावी समीकरण?

Uttar Pradesh SIR: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के बाद सामने आए आंकड़ों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिन जिलों में बीजेपी का मजबूत दबदबा रहा है, वहीं सबसे ज्यादा वोटर कम हुए हैं, जबकि मुस्लिम बहुल इलाकों में यह गिरावट अपेक्षाकृत कम दर्ज की गई है।

कहां कटे सबसे ज्यादा वोट

आंकड़ों के अनुसार लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर नगर, गौतमबुद्धनगर और मेरठ जैसे शहरी जिलों में 18.75% से 22.89% तक मतदाता घटे हैं। ये वही क्षेत्र हैं जहां 2022 विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनावों में बीजेपी का प्रदर्शन मजबूत रहा था। सबसे ज्यादा असर पांच विधानसभा सीटों साहिबाबाद, नोएडा, लखनऊ उत्तर, आगरा कैंट और इलाहाबाद नॉर्थ पर देखने को मिला, जहां एक लाख से अधिक वोट तक कम हुए और इन सभी सीटों पर बीजेपी के विधायक हैं।

16 सीटों पर 1 लाख से ज्यादा वोट कटे

इसके उलट संभल, रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर और सहारनपुर जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में गिरावट 10% से 14% के बीच रही, जो अपेक्षाकृत कम है। यही अंतर अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। विस्तृत आंकड़े बताते हैं कि 16 सीटों पर 1 लाख से ज्यादा वोट कटे, जिनमें 15 बीजेपी के खाते में हैं। 21 सीटों पर 80-99 हजार वोट कम हुए, जिनमें 19 सीटें बीजेपी की हैं। वहीं 82 सीटों पर 50-80 हजार वोट घटे, जिनमें 55 सीटें बीजेपी गठबंधन की हैं।

कानूनी प्रक्रिया के तहत

हालांकि, मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया है कि सभी नाम कानूनी प्रक्रिया के तहत ही हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि असंतुष्ट मतदाता 15 दिनों के भीतर अपील कर सकते हैं। SIR-2026 के बाद प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 13.39 करोड़ हो गई है, जिसमें 84 लाख नए वोटर जुड़े हैं। अब सवाल यह है क्या यह आंकड़े आने वाले चुनावों में बड़ा सियासी खेल बदल देंगे?

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