UP Shikshamitra News: उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए एक बड़ी उम्मीद जगी है। उनके मानदेय में वृद्धि की मांग को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिलाया कि समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सरकार इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी। इस घोषणा ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों में उत्साह भर दिया है, जो लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग उठाते रहे हैं।
फ़ैसले का बेसब्री से इंतजार
अब सभी को समिति की रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार है। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में मानदेय में वृद्धि उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर करेगी। वे उम्मीद जता रहे हैं कि दीपावली से पहले सरकार इस दिशा में ठोस फैसला लेगी, जो उनके लिए त्योहारी तोहफे की तरह होगा।
मानदेय बढ़कर मिलने की आस
वर्तमान में मंडल के चार जिलों में कुल 4,789 शिक्षामित्र और 1,405 अनुदेशक कार्यरत हैं। शिक्षामित्रों को मासिक 10,000 रुपये और अनुदेशकों को 9,000 रुपये का मानदेय मिलता है। इनमें से लगभग 1,500 से अधिक शिक्षामित्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण कर चुके हैं, जिसके आधार पर वे और बेहतर सुविधाओं की उम्मीद कर रहे हैं। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानना है कि मौजूदा मानदेय उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है, खासकर जब महंगाई ने उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है। मुख्यमंत्री के आश्वासन ने उनकी उम्मीदों को नई उड़ान दी है।
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अब सभी की नजरें समिति की रिपोर्ट और सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। यदि मानदेय में वृद्धि होती है, तो यह न केवल शिक्षामित्रों (UP Shikshamitra New) और अनुदेशकों के लिए आर्थिक राहत लाएगी, बल्कि उनके कार्य उत्साह को भी बढ़ाएगी। सरकार की इस पहल से शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत इन कर्मियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा रही है।

