UP News : उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण के अवैध रैकेट से जुड़े एक और बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है. शनिवार को यूपी के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी. DGP ने बताया कि पुलिस को प्रदेश में एक नया धर्मांतरण रैकेट का पता चला है, जो आईएसआईएस (ISIS) के सिग्नेचर मोडस ऑपेरेंडी की तर्ज पर काम कर रहा था. इस गैंग पर देश के विभिन्न राज्यों में लड़कियों को फंसा कर उनका धर्मांतरण कराने और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग के जरिए जेहादी एजेंडा फैलाने का आरोप है.
कैसे हुए गैंग का खुलासा
DGP राजीव कृष्ण ने बताया कि आगरा से लापता दो लड़कियों की जांच के दौरान यह नेटवर्क सामने आया. इसके बाद यूपी पुलिस ने मिशन अस्मिता के तहत 6 राज्यों में छापेमारी कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस गिरोह का अभी तक छांगुर बाबा (जलालुद्दीन उर्फ जलालुद्दीन) गिरोह से कोई सीधा संबंध नहीं मिला है, लेकिन इन पर कनाडा, अमेरिका, दुबई सहित कई देशों से करोड़ों रुपये की फंडिंग प्राप्त करने के प्रमाण मिले हैं.
गिरफ्तार किए गए आरोपी
- आयशा उर्फ एसबी कृष्णा
- अली हसन उर्फ शेखर रॉय
- ओसामा
- रहमान कुरैशी
- अब्बू तालिब खालापार
- अबुर रहमान
- मोहम्मद अली
- जुनैद कुरैशी
- मुस्तफा उर्फ मनोज
- मोहम्मद अली (दूसरा आरोपी)
ISIS मॉडल पर कर रहे थे काम
DGP ने बताया कि यह यह गैंग विशेष रूप से कम उम्र की लड़कियों को प्रेमजाल, लालच या मानसिक दबाव के जरिए अपने जाल में फंसाता था और फिर जबरन धर्मांतरण करवाता था. शुरुआती जांच में इनके संबंध PFI, SDPI और पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से होने के संकेत मिले हैं. पुलिस ने यह भी दावा किया कि इस नेटवर्क का उद्देश्य सिर्फ धर्मांतरण नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को चुनौती देना था. जिसके लिए गैंग द्वारा डार्क वेब और अन्य डिजिटल नेटवर्क का भी इस्तेमाल किया जा रहा था.
मामले की जांच कर रही है यूपी पुलिस
राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) इस मामले की गहन जांच कर रही हैं. DGP ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी पुलिस अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम कर रही है. जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों और अन्य राज्यों की पुलिस से भी समन्वय किया जाएगा. बता दें कि इससे पहले भी यूपी में अवैध धर्मांतरण के कई सिंडिकेट सामने आए थे. मिशन अस्मिता के तहत मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती जहांगीर आलम कासमी जैसे आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है. छांगुर बाबा का गिरोह भी जांच एजेंसियों के रडार पर है और उसकी गतिविधियों की जांच लगातार जारी है.

