होम = State = उत्तर प्रदेश = गाजियाबाद में निदा खान बनीं वेदिका सिसोदिया, पति के उत्पीड़न से तंग आकर मुस्लिम महिला ने अपनाया सनातन धर्म

गाजियाबाद में निदा खान बनीं वेदिका सिसोदिया, पति के उत्पीड़न से तंग आकर मुस्लिम महिला ने अपनाया सनातन धर्म

Ghaziabad News : गाजियाबाद में पारिवारिक उत्पीड़न और सामाजिक दबाव से परेशान होकर एक मुस्लिम महिला ने सनातन धर्म अपनाने का फैसला किया है। निदा खान नाम की इस महिला ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ धर्म परिवर्तन कर अपना नाम वेदिका सिसोदिया रख लिया है। गाजियाबाद स्थित एक हिंदू संगठन की मदद से संपन्न हुई इस घर वापसी में पारंपरिक वैदिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया है।

ये है पूरा मामला

घटना के बारे में बताते हुए निदा खान ने बताया गया कि उनकी शादी पिछले नवंबर महीने में मोहसिन नामक व्यक्ति से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद निदा को पता चला कि उसका पति पहले से ही विवाहित है और उसका एक बच्चा भी है। इस खुलासे के बाद से दंपति के बीच रोजाना झगड़े होने लगे। परेशान होकर निदा ने अपने पति के साथ न रहने का निर्णय लिया।

तीन पत्नियां रखना जायज

हालांकि, जब निदा ने अपनी समस्या समुदाय के लोगों के सामने रखी तो उन्होंने उसकी बात को नजरअंदाज करते हुए कहा कि इस्लाम में दो-तीन पत्नियां रखना जायज है और उसे मोहसिन के साथ ही रहना चाहिए। समाज के इस रवैये से निदा काफी आहत हुई और लंबे समय तक मानसिक पीड़ा झेलती रही।

हिंदू संगठन ने दिया साथ

आखिर में निदा किसी तरह से स्थानीय हिंदू संगठन के संपर्क में आई। संगठन के कार्यकर्ताओं ने न केवल उसकी समस्या को समझा बल्कि उसकी सहायता भी की। संगठन ने मोहसिन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में भी निदा की मदद की और मुकदमा दर्ज कराया। इस पूरे अनुभव से प्रभावित होकर निदा ने सनातन धर्म अपनाने का फैसला लिया। धर्म परिवर्तन की रस्म के दौरान वैदिक मंत्रों का जाप किया गया और पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों का पालन किया गया। अब निदा खान का नया नाम वेदिका सिसोदिया है। इस अवसर पर हिंदू रक्षा दल के गौरव सिसोदिया और स्वयं वेदिका सिसोदिया (पूर्व में निदा खान) ने मीडिया से बातचीत की।

वेदिका सिसोदिया ने हिन्दू संगठन का किया धन्यवाद

हिंदू रक्षा दल के प्रवक्ता गौरव सिसोदिया का कहना है कि संगठन हमेशा से उत्पीड़ित महिलाओं की सहायता करता आया है, चाहे वे किसी भी धर्म या समुदाय से हों। उन्होंने बताया कि निदा के मामले में भी संगठन ने पूर्ण न्याय दिलाने का प्रयास किया है। वेदिका सिसोदिया (पूर्व निदा खान) ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें हिंदू संगठन से जो सहायता और सम्मान मिला, वह उनके अपने समुदाय में नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अब वे पूर्ण मानसिक शांति के साथ नया जीवन शुरू करने के लिए तैयार हैं।

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