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ब्राह्मण लड़कियों का रेट 15-16 लाख तो दलित की बेटी…100 करोड़ की फंडिंग से छांगुर पीर ने ऐसे फैलाया धर्मांतरण का जाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक बड़े स्तर पर अवैध धर्मांतरण नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। हिंदू लड़कियों और परिवारों को धर्मांतरण कराने के लिए ये लोग मोटी रकम खर्च करते थे। इस मामले में जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसकी साथी नीतू रोहरा उर्फ नसरीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यूपी ATS ने छांगुर बाबा को बलरामपुर के उटरौला कस्बे से अरेस्ट किया।

100 करोड़ की हुई फंडिंग

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन लोगों को विदेश से 100 करोड़ की फंडिंग हुई थी। जांच एजेंसियों के तहकीकात में पता चला कि इन लोगों का ग्रुप है। ये गरीब और मजबूर लोगों को लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं, फिर उन्हें मुस्लिम बना देते थे। हिंदू लड़कियों को मुसलमान बनाने के लिए इन्होंने जातियों के हिसाब से अपना रेट तय कर रखा था। ATS ने दोनों को जेल भेज दिया है।

पीछे लगी थी ATS

बताया जाता है कि यूपी ATS दोनों के पीछे 2024 से लगी हुई थी। बाबा छिपा हुआ था लेकिन अब लखनऊ से पकड़ा गया। बाबा के चक्कर में आकर नवीन रोहरा अपने पूरे परिवार के साथ मुस्लिम बन गया। पीर बाबा ब्राह्मण और राजपूत लड़की को 15 से 16 लाख रूपया देता था। पिछड़ी जाति की लड़की अगर इस्लाम अपनाती थी तो उसे 10 से 12 लाख रुपए दिए जाते थे।

बड़ा नेटवर्क चला रहा पीर

UP ADGP Law and Order अमिताभ यश का कहना है कि एसटीएफ को सूचना मिली थी कि बलरामपुर जिले के उतरौला कस्बे में छांगुर बाबा उर्फ ​​जमालुद्दीन बाबा जो खुद को हाजी पीर जलालुद्दीन बताकर धर्मांतरण का बड़ा नेटवर्क चलाता है। जांच में पता चला कि वह अपने एजेंटों के जरिए लड़कियों को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण कराता है।

खाड़ी देशों ने किया फंडिंग

अमिताभ यश आगे बताते हैं कि ​​जमालुद्दीन बाबा ने कई कस्बे में संपत्तियां भी खरीद रखी हैं। वह शख्स 40-50 बार इस्लामिक देशों की यात्रा कर चुका है। यह सारी जानकारी जुटाने के बाद केस दर्ज किया गया और फिलहाल यूपी एटीएस जांच कर रही है। उस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच जारी है और कुछ और लोगों की गिरफ्तारी संभव है। उसे ज्यादातर फंडिंग खाड़ी देशों से किया गया है।

 

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