Jaypee Infratech in Noida : नोएडा में लंबे समय से अपने घर का इंतजार कर रहे हजारों खरीदारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जेपी इंफ्राटेक में करीब 20,000 से ज्यादा लोगों को अब जल्द ही अपने सपनों का आशियाना मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केंद्र सरकार ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए निर्माणाधीन और अटके हुए प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता से पूरा कराने का निर्देश दिया है। जेआईएल रियल एस्टेट अलाटीज़ वेलफेयर सोसाइटी (जेआरईएडब्ल्यूएस) की शिकायत का पीएमएच (प्रधानमंत्री आवास) से संज्ञान लिया गया है।
20 हजार से ज्यादा घर खरीदारों को बड़ी राहत
मिली जानकारी के मुताबिक, यह शिकायत ईमेल के माध्यम से की गई थी। इसमें जेपी की परियोजनाओं में समाधान योजना के प्रस्तावों का पालन नहीं करने की बात कही गई थी। बीते दिनों खरीदारों ने इससे संबंधित 11 बिंदुओं पर मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन सौंपने के कुछ दिन बाद वह सेवानिवृत्त हो गए। एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष गुप्ता का कहना है कि जेपी की परियोजनाओं में निर्धारित 12 हजार की जगह पांच हजार कामगार कार्य कर रहे हैं। मई 2024 से 90 दिनों के भीतर तीन हजार करोड़ रुपये के निर्माण कोष का निवेश अभी नहीं किया गया है।
पीएम आवास योजना ने फंसे प्रोजेक्ट्स पर लिया संज्ञान
पीएमओ तक पहुंची शिकायतों और लंबित परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए, अधिकारियों को जल्द कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से उन बिल्डर्स पर नजर रखी जा रही है, जिन्होंने पैसा लेने के बाद भी समय पर फ्लैट्स नहीं दिए। यह फैसला नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के हजारों मीडल क्लास परिवारों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है। जल्द ही एक विशेष समिति बनाकर प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि तय समय पर घरों की डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके।
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