News India Conclave : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने न्यूज इंडिया 24×7 के विशेष कार्यक्रम ज्ञानोदय प्रदेश कॉन्क्लेव 2025 में अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत संघर्षों को साझा करते हुए कहा कि जीवन का सबसे बड़ा आधार संघर्ष, संकल्प और अनुशासन है.
1991 में रखा राजनीति में कदम
जानकारी के लिए बता दें कि 1991 में राजनीति में कदम रखने वाली गुलाब देवी पहली बार संभल की चंदौसी विधानसभा सीट से विधायक चुनी गईं थीं. आज वे योगी सरकार में माध्यमिक शिक्षा विभाग का नेतृत्व कर रही हैं.
मंत्री ने कहा कि जीवन में सजावट नहीं,बल्कि सच्चाई और कर्म ही व्यक्ति की पहचान होते हैं. उन्होंने कहा कि जितनी सजावट होती है,उतनी ही मिलावट होती है और जहां मिलावट होती है, वहां गिरावट होती है. गुलाब देवी ने अपने साधारण परिवार की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके पिता प्रेस (इस्त्री) का काम करते थे और विधायक व मंत्री बनने के बाद भी उस काम को नहीं छोड़ा. मेरे पिता ने कहा था कि इसी प्रेस की बदौलत मेरी बेटी यहां तक पहुंची है, इसे मैं छोड़ नहीं सकता.
शिक्षा सुधार और 2047 का विज़न
माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संकल्प है कि 2047 तक भारत विश्वगुरु बने. इसी दिशा में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश की परीक्षाओं में नकल पर सख्त रोक लगी है. अब सीसीटीवी निगरानी से लेकर कड़े दंड तक की व्यवस्था है. नकल कराने वालों पर एक करोड़ रुपये जुर्माना और आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया है.गुलाब देवी ने बताया कि प्रदेश में परीक्षा प्रक्रिया अब रिकॉर्ड समय में पूरी होती है. 12 दिन में परीक्षा, 13 दिन में मूल्यांकन और 20 दिन में रिजल्ट, यह उदाहरण शिक्षा में पारदर्शिता और दक्षता का है.
बेटियों के लिए संदेश
मंत्री ने अपने संबोधन में बेटियों को विशेष संदेश देते हुए कहा कि बेटियां सिर्फ एक घर नहीं,बल्कि दो-दो घरों का श्रृंगार होती हैं. उन्होंने कहा कि समाज में सम्मान पाने के लिए बेटियों का सबसे बड़ा बल उनका चरित्र और संस्कार है. यदि किसी बच्ची का चरित्र मजबूत है तो उसे कोई हानि नहीं पहुंचा सकता. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी तीनों बेटियां आज अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापित हैं,एक दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, दूसरी हाई कोर्ट में वकील और तीसरी ब्लॉक प्रमुख के रूप में.
समाज और संस्कार पर चिंता
गुलाब देवी ने आधुनिक जीवनशैली और तकनीकी दखल पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज माता-पिता और बच्चों के बीच दूरी बढ़ गई है. पहले परिवार छोटे घरों में साथ रहते थे,अब बच्चे अलग कमरों में मोबाइल और टीवी की दुनिया में खो जाते हैं. संस्कारों की यह कमी समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती है.

