Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश में चल रहे एसआईआर (सोशल इकोनॉमिक रजिस्टर) सर्वे के बीच सपा विधायक मोहम्मद फईम का एक बयान सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। बिलारी विधानसभा के सपा विधायक मोहम्मद फईम ने एक स्थानीय कार्यक्रम के दौरान एसआईआर को NRC के “प्रथम चरण” के रूप में संबोधित करते हुए समुदाय विशेष को सावधान रहने की अपील की।
विधायक ने कहा कि वह अपनी विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर कराने को लेकर काफी सक्रिय हैं और लोगों को इसके लिए जोड़ने का काम कर रहे हैं। सामने आए वीडियो में फईम कहते दिख रहे हैं- “मैं यह बताना चाहता हूँ कि एक तरीके से यह NRC का प्रथम चरण है, लेकिन किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसका समाधान जागरूकता है, और हमारी टीमें पूरी विधानसभा में काम कर रही हैं। हमने विधायक निवास पर कंट्रोल रूम भी बना रखा है।”
विधायक के इस बयान पर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनके विरोधियों का कहना है कि एसआईआर को NRC से जोड़कर वे माहौल को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि सपा विधायक इसे सिर्फ जागरूकता बढ़ाने की पहल बता रहे हैं।
वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर का उद्देश्य केवल सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण है, और इसका किसी भी तरह एनआरसी से संबंध नहीं है। अधिकारियों के अनुसार नागरिकों को किसी भी अफवाह से बचते हुए सर्वे में सहयोग करना चाहिए।
इस बयान के बाद स्थानीय स्तर पर भी बहस तेज हो गई है, जहाँ कुछ लोग इसे अनावश्यक भय फैलाने वाला बयान बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक चेतावनी के रूप में देख रहे हैं। बता दें कि मामले पर सपा की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

