होम = Cover Story Latest = शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर गिरफ्तारी का साया, पैदल सनातन यात्रा से बढ़ेगा सियासी-धार्मिक तनाव

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर गिरफ्तारी का साया, पैदल सनातन यात्रा से बढ़ेगा सियासी-धार्मिक तनाव

Avimukteshwarananda Controversy: पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज होने के बाद ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं।प्रयागराज की विशेष पॉक्सो कोर्ट के आदेश के बाद उनकी गिरफ्तारी की आशंका गहरा गई है, जिससे मामला अब केवल कानूनी नहीं बल्कि सामाजिक और धार्मिक बहस का विषय बन गया है।

कोर्ट के आदेश से बदला केस का रुख

मामले की शुरुआत माघ मेले के दौरान हुई बताई जा रही है। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी का आरोप है कि शंकराचार्य के शिविर में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण हुआ। इस संबंध में बच्चों के बयान अदालत में दर्ज किए गए, जिनकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। लंबी सुनवाई के बाद प्रयागराज की पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने झूंसी थाना पुलिस को FIR दर्ज करने और मामले की जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट के इस फैसले ने केस को निर्णायक मोड़ पर ला खड़ा किया है।

इंसाफ के लिए पैदल यात्रा का ऐलान

कोर्ट के आदेश के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने इसे न्याय की पहली जीत बताया। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि वे प्रयागराज से विद्या मठ वाराणसी तक पैदल “सनातन यात्रा” निकालेंगे। उनका कहना है कि इस यात्रा के माध्यम से वे लोगों के सामने पूरी सच्चाई रखेंगे और न्याय की मांग को और मजबूत करेंगे।

शंकराचार्य ने आरोपों को बताया साजिश

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मीडिया से बातचीत में सभी आरोपों को निराधार और फर्जी बताया है। उन्होंने कहा कि यह उनके खिलाफ सुनियोजित साजिश है और वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष और तेज़ सुनवाई हो ताकि सच्चाई सामने आ सके। यह विवाद इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि शंकराचार्य हाल के महीनों में कई मुद्दों पर खुलकर बयान देते रहे हैं और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी मुखर रहे हैं।

मामले की पूरी टाइमलाइन

• 18 जनवरी 2026: माघ मेले के दौरान दो बच्चों द्वारा शोषण का आरोप
• 24 जनवरी 2026: झूंसी थाने में शिकायत, FIR दर्ज नहीं
• 28 जनवरी 2026: पॉक्सो कोर्ट में याचिका
• 8 फरवरी 2026: बच्चों के बयान कोर्ट में दर्ज
• 13 फरवरी 2026: वीडियो बयान रिकॉर्ड
• 20 फरवरी 2026: लंबी सुनवाई, फैसला सुरक्षित
• 21 फरवरी 2026: कोर्ट का आदेश, FIR दर्ज करने के निर्देश

धार्मिक हस्तियों पर लगे पुराने आरोपों की याद

यह मामला कोई पहला नहीं है। इससे पहले भी देश में कई चर्चित धार्मिक व्यक्तियों पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे, जिनमें आसाराम बापू, गुरमीत राम रहीम और नारायण साईं जैसे नाम शामिल रहे। इन मामलों ने समाज में गहरी बहस छेड़ी और न्याय व्यवस्था की परीक्षा भी ली।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़ा यह मामला अब कानूनी कार्रवाई, धार्मिक आस्था और सियासी टकराव तीनों के संगम पर खड़ा है। आने वाले दिनों में जांच और अदालत की अगली कार्यवाही तय करेगी कि यह केस किस दिशा में जाता है और सच क्या है।

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